गांव उसरह रसूलपुर में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को लेकर 401 दिनों से चल रहे किसानों के अनिश्चितकालीन धरने को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता मिली। कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशासन और किसानों के प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब दो घंटे चली वार्ता सकारात्मक रही, जिसमें मुआवजा बढ़ाने पर सहमति बनी।
भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने एडीएम प्रशासन पंकज कुमार और एसडीएम कोल महिमा राजपूत के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखीं। एडीएम ने अप्रैल 2025 के सर्किल रेट के आधार पर चार गुना मुआवजा देने की मांग को लगभग स्वीकार करते हुए जल्द लागू करने का आश्वासन दिया। साथ ही पहले समझौता कर चुके किसानों को भी बढ़े मुआवजे का अंतर (एरियर) देने की बात कही गई। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक मुआवजे का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक क्षेत्र में कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा। किसानों ने गेहूं क्रय केंद्र बढ़ाने और फार्मर आईडी के लिए विशेष शिविर लगाने की मांग भी उठाई। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान ने इसे किसानों के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान भाकियू महात्मा टिकैत के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान, गेल इंडिया के निदेशक चौधरी शेर सिंह, कुलदीप सिंह भोली, नरेंद्र उर्फ बंटी, अनुज सरपंच, सुनील सिंह आदि मौजूद रहे।