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Green Park Apartment: बिल्डर के खिलाफ समाधान दिवस पहुंचे अपार्टमेंट निवासी, बोले-हेरफेर की हो जांच

Sun, 06 Apr 2025 10:41 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

ग्रीन पार्क सोसायटी भंग होने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ है। अपार्टमेंट निवासी डीएम से समाधान दिवस में मिले। उन्होंने कहा कि सोसाइटी में पिछले पंद्रह वर्ष से फ्री मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर हेरफेर हुआ है। सोसाइटी को पंजीकृत किया जाए। ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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समाधान दिवस में डीएम से शिकायत करते ग्रीन पार्क के लोग - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ की ग्रीन पार्क सोसाइटी विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। अब सोसाइटी के वाशिंदे 5 अप्रैल को तहसील कोल के समाधान दिवस में पहुंचे। जहां डीएम से मुलाकात कर बिल्डर पर सोसाइटी में सचिव रहते किए गए हेरफेर की जांच की मांग की गई।

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यहां काफी संख्या में लोगों ने पहुंचकर कहा कि सोसाइटी में पिछले पंद्रह वर्ष से फ्री मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर हेरफेर हुआ है। साथ में बिना सोसाइटी निवासियों की सहमति व जानकारी के सोसाइटी ठेकेदार, इलेक्ट्रिशियन और ड्राइवर को पदाधिकारी बनाकर सोसाइटी की आमदनी और खर्चों में अनियमितताएं की गई हैं। साथ में पुराने फंड्स को शून्य दिखाकर सोसाइटी को अव्यवस्था के हवाले कर दिया गया, जिससे निवासियों में भारी आक्रोश है। 
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इसी का विरोध करने पर बार बार झगड़ा मारपीट होती है। अब जब सोसाइटी अपने पैरों पर खड़ी होने का प्रयास कर रही है। बिल्डर न तो पुराने खातों का कोई हिसाब दे रहे हैं और न ही शेष राशि सोसाइटी को सौंप रहे हैं। जान बूझकर सचिव बने रहने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि पूर्व के कार्यों पर पर्दा डाला जा सके। इस मामले में मांग की गई है कि उन्हें सोसाइटी के पदों पर आने से तब तक रोका जाए, जब तक कि उन्हें पूर्ण रूप से क्लीन चिट न मिल जाए। 
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साथ ही सोसाइटी को पंजीकृत किया जाए। ताकि पारदर्शिता बनी रहे। समाधान दिवस में डीएम से विषय रखा गया। जिस पर डीएम ने उन्हें भरोसा दिलाया है। वहीं बिल्डर संजीव पाराशर का इस विषय पर कहना है कि वे पहले से कहते आ रहे हैं कि लोग पहले जांच करा लें। तब आरोप लगाएं। अब वही काम हो रहा है। पहले उन्होंने आरोप लगाए हैं, तब जांच की बात कह रहे हैं। वे हर जांच को तैयार हैं।

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