धनीपुर ब्लॉक के सिकंदरपुर माछुआ में तैनात ग्राम विकास अधिकारी सुशील कुमार गोयल अनियमितता के आरोप में फंस गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने उन्हें निलंबित कर दिया है। ग्राम प्रधान की शिकायत पर उनके खिलाफ हुई जांच में डीसी मनरेगा ने इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी।
सिकंदरपुर माछुआ की प्रधान कल्पना देवी ने पिछले दिनों सीडीओ से शिकायत की थी। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी सुशील कुमार गोयल पर आरोप लगाया था कि वे सरकारी धन का मनमाना खर्च कर रहे हैं। प्रधान की जानकारी के बगैर भुगतान किया गया है। कई अन्य अनियमितताएं भी की गई हैं। इस मामले में सीडीओ ने डीसी मनरेगा को जांच करने के निर्देश दिए थे। डीसी मनरेगा ने अपनी रिपोर्ट में सभी आरोप सही बताए। उन्होंने बताया कि सचिव मनमाने ढंग से काम करने, बिना प्रक्रिया का पालन करे सरकारी धन के उपयोग व भुगतान के दोषी पाए गए हैं। शिकायत होने पर उन्होंने रजिस्टर में स्थान खाली छोड़कर उसमें अपने हित में विवरण भरा। जांच अधिकारी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की। मंगलवार को सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने स्वत: संज्ञान लेते हुए डीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर डीडीओ भरत कुमार मिश्र ने इन्हें निलंबित करते हुए अतरौली ब्लाक से संबद्ध कर दिया है। बीडीओ अतरौली को उनके खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं।