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दूध नहीं देती गौमाता, अब तुमसे क्या नाता

Thu, 11 Jan 2018 01:48 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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अतरौली क्षेत्र में गेहूं के खेत में घुसी आवारा गायों को खदेड़ते किसान। - फोटो : Amar Ujala
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जिले भर में आवारा पशु बड़ी समस्या बन गए हैं। खेतों में खड़ी फसलों को तबाह कर रहे हैं तो सड़क पर हादसे का कारण भी बन रहे हैं। पिछले दिनों आवारा पशुओं को दूसरे गांव की ओर खदेड़ने पर एक किसान को गोली मार दी गई। टप्पल थाना क्षेत्र में आवारा पशुओं को पकड़कर जिले से बाहर गोशाला में भेजने के लिए चंदा वसूली के दौरान बवाल हो चुका है। मंगलवार को अलीगढ़-मथुरा मार्ग पर आवारा पशु को बचाने के प्रयास में मिक्सर प्लांट वाले ट्रक से कुचलकर बाइक सवार चाचा-भतीजे की जान जा चुकी है। फसलों की रखवाली के लिए ब्लेड वाले तार लगाने को लेकर पूर्व में बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं की किसानों से झड़पें तक हो चुकी हैं। भारतीय किसान यूनियन, रालोद समेत अन्य किसान संगठन आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की आवाज लगातार बुलंद कर रहे हैं, लेकिन सरकारी अमले और राजनीतिक दलों की उपेक्षा से समस्या बरकरार है। आवारा पशुओं से समस्याओं पर फोकस करते हुए अमर उजाला की क्रमवार रिपोर्ट...।
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दूध छोड़ते ही पशुपालक गायों को आवारा छोड़ रहे हैं, और यह गायें किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। इनके साथ ही नीलगाय (वनरोज) एवं जंगली सुअर भी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। झुंड का झुंड खेतों में पहुंचकर यह आवारा पशु आलू, गेहूं और सरसों की फसल को चौपट कर रहे हैं।
कभी सूखा, कभी बेमौसम बारिश तो कभी फसलों की बिक्री पर लागत भी न निकल पाने की समस्या से परेशान किसानों के समक्ष आवारा पशुओं की समस्या कोढ़ में खाज जैसी हो गई है। किसानों के अनुसार आवारा पशुओं में गोवंश की संख्या अधिक है। गायों को तभी तक पशुपालक पास रखते हैं, जब तक वह दूध देती है। दूध छोड़ते ही गाय को छुट्टा छोड़ा जा रहा है। यह गायें फसलों को नष्ट कर रही हैं।
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किराए पर सरकारी गोशालाएं 
अतरौली नगर पालिका ने सरकारी गोशाला बनवाई थी, जिसे करीब दस साल पहले तत्कालीन चेयरमैन ने किराए पर उठा दिया था। इसमें आजकल एक भी गायें नहीं हैं। इस गोशाला में आवारा गोवंश को पकड़कर रखा जा सकता है। किसानों के अनुसार सरकारी गोशाला अथवा पशुशाला बनाकर उसमें आवारा पशुओं को रखने और खर्च का इंतजाम सरकारी स्तर पर हो तभी आवारा पशुओं की समस्या से राहत मिल सकती है।

निजी गोशाला में पल रहीं गायें
गांव भुड़िया निवासी कॉलेज प्रबंधक लालाराम श्रीदेवी चेरिटेबिल ट्रस्ट ने उड़िया बाबा गोशाला खुलवाई है। ग्राम प्रधान मुरारीलाल शर्मा व समाजसेवियों के साथ वह खुद इस गोशाला में पलने वाली करीब 72 गायों की सेवा कर रहे हैं। संपूर्ण खर्च ट्रस्ट उठाता है। अतरौली में तुलसी डेयरी की ओर से एक गोशाला संचालित की जा रही है। यहां करीब 100 गायें हैं।

आवारा जानवर फसलों को तबाह कर रहे हैं। प्रशासन आवारा जानवरों को पकड़वाए। गेहूं, आलू व सरसों की फसलों में भारी नुकसान है। किसान बेहद परेशान हैं। 
- चौ. मोहर सिंह, किसान।
एक तरफ गाय को पूजते हैं, दूसरी ओर गाय के दूध देना बंद करते ही छुट्टा छोड़ा जा रहा है। गायें हमले का भी शिकार हो रही हैं। गायों के लिए सरकारी गोशाला खुलवाई जाए। 
- लाल सिंह, किसान।
आवारा पशुओं के जरिए फसलों को होने वाले नुकसान और गायों की रक्षा के लिए हमारा ट्रस्ट उड़िया बाबा गोशाला भुड़िया में गायों की सेवा कर रहा है। यहां पर गायें आैर दान दिया जा सकता है।
- रामअवतार शर्मा, प्रबंधक।
नगर पालिका की ओर से गोशाला में गायें रखने की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा। गायें आवारा न घूमें और फसलों के साथ आवारा पशुओं से हादसे बचें, इस दिशा में कदम उठाए जाएंगे। - पवन वर्मा, चेयरमैन नगर पालिका।
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