अमर उजाला अपराजिता-100 मिलियन स्माइल के सहयोग से गुरुवार को अमोलचंद्र पब्लिक स्कूल में रंगोली चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने अनेक तरह की रंगोली बना नारी सशक्तीकरण का संदेश दिया।
प्रतियोगिता का शुभारंभ एसडीएम अंजुम बी तथा सीओ आशीष प्रताप सिंह ने मां शारदे की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान एसडीएम ने कहा कि मन में कुछ करने की तमन्ना हो तो मंजिल दूर नहीं होती। मन में दृढ़ संकल्प हो तो शारीरिक अक्षमता आड़े नहीं आ सकती है। उनके मन में शिक्षक बनने की चाह थी।
एलएलएम नीट करने बाद उन्होंने न्यायिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की, लेकिन साक्षात्कार में तीन नंबर से रह गईं। उसके बाद पीसीएस में सफलता प्राप्त की। अंजुम बी ने कहा कि नारी आज जो चाहती है उसे प्राप्त करती है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसमें नारी ने सफलता प्राप्त न की हो। सीओ आशीष प्रताप सिंह ने कहा कि नारी अपने आप में एक शक्ति है।
जहां वे हमें जन्म देकर पालती हैं वहीं आवश्यकता पड़ने पर हर मुश्किल परेशानी में डट कर मुकाबला करती हैं। प्रतियोगिता में छात्राओं ने भ्रूड हत्या को लेकर रंगोली बनाई कि मां सबको चाहिए, पत्नी सबको चाहिए, फिर बेटी क्यों नहीं। कई छात्राओं ने रंगोली बनाई कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां स्वर्ग होता है।
कई छात्राओं ने विभिन्न रंगों को लेकर रंगोली बनाई कि मुझे दुनिया में आने दो। रंगोली में छात्राओं ने मन के विचार उकेर कर रख दिए। प्रतियोगिता में एमडी विपिन वार्ष्णेय, स्कूल प्रधानाचार्य किरन त्रिपाठी, इरशाद, तारिक मंसूर, राजेश भारद्वाज, जयंत कुमार, सतेंद्र सिंह, अनूप गुप्ता, शिल्पी माहेश्वरी, खुशबू, सुरभि माहेश्वरी, शैलेश कुमार आदि का यह योग रहा।