डॉ. प्रवेंद्र
सरकार बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन दे रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बालिकाओं के अभिभावक इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। विद्यालयों में जाकर पहल करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग बालिकाओं के अस्पताल में आने का इंतजार कर रहा है। 28 मार्च से शुरू हुए अभियान के पांच दिन बीत गए, लेकिन जिले में सिर्फ 26 बालिकाओं को ही वैक्सीन लग सकी है।
यह वैक्सीन उन बालिकाओं को लगेगी, जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मनाया है और 15वें वर्ष में पहुंच गई हैं। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरदुआगंज में वैक्सीन को लेकर पड़ताल की, लेकिन यहां सिर्फ तीन बालिकाओं को ही वैक्सीन लगी है। 28 मार्च को वैक्सीन लगी थी। इसके बाद कोई बालिका वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंचीं, जबकि कोल्ड चेन में 47 वैक्सीन है। केंद्र अधीक्षक डॉ. प्रवेंद्र कुमार कहते हैं कि वैक्सीन को लेकर लोगों में जागरूकता नहीं है।
इसके लिए उन्हें जागरूक करेंगे। जिले में जिला अस्पताल समेत 24 स्वास्थ्य केंद्रों पर बालिकाओं को वैक्सीन लग रही है। जिले में 45 हजार बालिकाओं को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य केंद्रों पर 11392 वैक्सीन पहुंच चुकी है।।बाजार में एक वैक्सीन की कीमत पांच से सात हजार रुपये है, जबकि सरकारी अस्पतालों में निशुल्क वैक्सीन लग रही है।
क्या है एचपीवी
एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन है। यह टीका मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) और अन्य प्रकार के कैंसर व जननांग मस्सों से सुरक्षा प्रदान करता है। यह वायरस यौन संचारित संक्रमण के माध्यम से फैलता है।
14 वर्षीय बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन मुफ्त में लग रही है। अभिभावकों को अपनी बेटियों को वैक्सीन लगवानी चाहिए, जो सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखेगी। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
-डॉ. दिनेश खत्री, प्रभारी, टीकाकरण अलीगढ़
डॉ. प्रवेंद्र