कोरोनारोधी टीकाकरण का शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। अब उपभोक्ताओं को राशन तभी मिल सकेगा, जब वह कोटेदार को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाएंगे। वैक्सीन न लगवाने वालों को कोटेदार की दुकान पर ही वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई है। डीएम ने सभी कोटेदारों को आदेशों का पालन करने की हिदायत दी है।
कोरोनारोधी टीकाकरण के मामले में अलीगढ़ प्रदेश में 68वें स्थान पर है। तमाम जागरूकता अभियानों के बावजूद स्थिति सुधरती न देखकर जिला प्रशासन ने पहल की है। जिला पूर्ति अधिकारी राजेश सोनी ने बताया कि कोरोना संक्रमण का एक मामला प्रकाश में आने के बाद यह निर्णय लिया गया है। ऐसे उपभोक्ता, जिन्होंने अभी तक कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए वैक्सीनेशन नहीं कराया है तो उनका टीकाकरण कोटेदार की दुकान पर ही होगा। जिले में लगभग 6 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक हैं, जिन्हें अब अनिवार्य रूप से वैक्सीन लेने की आवश्यकता होगी। साथ ही राशन देने से पहले कोटेदार अपने ग्राहकों का टीकाकरण प्रमाण पत्र देखेंगे। उपभोक्ता को लिखित में स्पष्ट करना होगा कि उनके परिवार के सभी लोगों ने टीका लगवा लिया है। अगर नहीं लगा है तो उसे यह भी बताना होगा कि किस तारीख तक वह व्यक्ति अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य का टीकाकरण करा लेंगे। कोटेदार उपभोक्ताओं से लिए गए जवाब की प्रति आपूर्ति विभाग को उपलब्ध भी कराएंगे।
चरणबद्ध तरीके से खुलेंगी राशन की दुकानें
अलीगढ़। जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार सोनी ने बताया कि 20 नवंबर से राशन वितरण की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने बताया कि 72 दुकानों पर 20 व 21 नवंबर, 71 दुकानों पर 23 एवं 24 और फिर 72 दुकानों पर 24 व 25 नवंबर को राशन वितरण किया जाएगा। डीएसओ ने बताया है कि ऐसे ग्राहक जिन्होंने अभी तक वैक्सीनेशन नहीं कराया है, वह अपना आधार कार्ड साथ में ले जाकर कोटेदार की दुकान पर ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए शिविर में टीकाकरण करा सकते हैं।