सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और कलर कोडेड स्टीकर पांच माह के भीतर लगवा लें। 15 नवंबर के बाद चालान काटने की कार्रवाई परिवहन विभाग की ओर से शुरू कर दी जाएगी। जिन वाहनों के नंबर के अंत में 0 या 1 है उन्हें 15 नवंबर तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एवं कलर कोडेड स्टीकर लगवाना अनिवार्य है।
अलीगढ़ मंडल के आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया कि सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते वाहन चालकों की परेशानियों को देखते हुए अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर तक दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत सभी जिलों के निजी वाहनों एवं उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों के व्यावसायिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य होगा।
इसके बाद संबंधित वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन की कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों में निजी वाहनों पर वाहन रजिस्ट्रेशन के इकाई नंबर के अनुसार हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाने की तारीखें तय की गई हैं। इसके तहत जिन वाहनों के नंबर के अंत में 0 या 1 है उन्हें 15 नवंबर तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एवं कलर कोडेड स्टीकर लगवाना अनिवार्य किया गया है।
जिन निजी वाहनों के पंजीकरण नंबर के अंत में 2 और 3 हैं उन पर 15 फरवरी 2022 तक। जिन नंबर का इकाई नंबर 4 या 5 है, उन पर 15 मई 2022 तक। वाहनों के नंबर के अंत में 6 या 7 है, उन्हें 15 अगस्त 2022 तक और जिनके वाहनों के पंजीकरण की इकाई का नंबर 8 या 9 हैं, उन्हें 15 नवंबर 2022 तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एवं कलर कोडेड स्टीकर लगवाना अनिवार्य होगा। निर्धारित तारीखों के बाद हाई सिक्योरिटी प्लेट न लगवाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।