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मुख्यमंत्री जी... गोशालाओं को तीन माह से नहीं मिला भुगतान

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जिले की सड़कों से खेतों तक निराश्रित गोवंश की समस्या हल नहीं हो पा रही है। वर्तमान में जिले में लगभग चार हजार निराश्रित गोवंश सड़कों पर हैं। अधिकारियों की मानें तो पड़ोसी जनपदों में से सर्वाधिक निराश्रित गोवंश मथुरा सीमा से अलीगढ़ के इगलास में प्रवेश कर रहे हैं। जिससे यहां की समस्या दूर नहीं हो रही है। वहीं गोशालाओं में चारे का भुगतान नहीं हो रहा है। जिससे आश्रित गोवंश के सामने चारे का संकट पैदा हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अलीगढ़ के दौरे पर रहेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद ही निराश्रित गोवंश के चारे के लिए अलग-अलग योजनाएं लागू कराईं, लेकिन भुगतान समय से नहीं होने और दूसरे जनपदों से गोवंश के लगातार आने से व्यवस्थाएं पूरी नहीं पड़ रही हैं।
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जिले के 161 गोआश्रय स्थलों में बीते तीन महीने से चारे का भुगतान नहीं हो रहा है, जिससे 18 हजार गोवंश के सामने चारे का संकट पैदा हो रहा है। ये भुगतान पशु चिकित्सा विभाग से होना है। जिसकी देखरेख में ये गोआश्रय स्थल संचालित हैं। अलीगढ़ में इनका महीने का खर्च लगभग 90 लाख रुपये महीने तक होता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सीवी सिंह ने बताया कि जून, जुलाई और अगस्त महीने का भुगतान होना बाकी है। इससे पहले का भुगतान मिल चुका है। विभाग के लखनऊ मुख्यालय में संपर्क किया गया है, जल्द ही भुगतान मिलने की उम्मीद है।
गौर हो कि जिले में दो वृहद गोसंरक्षण केंद्र चालू हैं, जबकि चार निर्माणाधीन हैं। जिला पंचायत के अधीन एक कांजी हाउस है। नगर निगम की एक कान्हा गोशाला है, खैर और कौडियागंज में एक एक गोशाला निर्माणाधीन है। इसके अलावा अपंजीकृत 16 गोशालाएं जनता या ट्रस्ट की ओर से संचालित हैं। इस तरह से जिले में लगभग 22500 गोवंश इन स्थलों पर आश्रय प्राप्त कर रहे हैं
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