जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश और हिमाचल व उत्तराखंड में नदियों के उफनाने से गंगा और यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने खैर और अतरौली में बाढ़ सुरक्षा समितियों को सक्रिय किया है। लोगों से अपील की है कि वह सतर्क रहें। तहसील प्रशासनों को निर्देश हैं कि वे गो आश्रय स्थलों में टिन शेड और तिरपाल की व्यवस्था करें, जिससे की गोवंश भीगने न पाएं।
जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने जनपद में हो रही बारिश के दृष्टिगत बचाव एवं राहत कार्यों से संबंधित अधिकारियों को आमजन एवं पशुओं की सुरक्षा के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद के एक ओर अतरौली में गंगा नदी है तो दूसरी तरफ खैर तहसील में यमुना बहती है, ऐसे में गंगा व यमुना नदी के किनारे बसे ग्रामों को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है कि समय से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। तटबंधों की निगरानी एवं उनकी मरम्मत का प्रबंध सुनिश्चित करने के साथ-साथ एसडीएम अतरौली एवं एसडीएम खैर के साथ सिंचाई विभाग के संबंधित सहायक अभियंताओं द्वारा तटबंधों पर कटाव निरोधक कार्यों का संयुक्त निरीक्षण करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने निर्देश दिए कि बाढ़ सुरक्षा समितियों के माध्यम से गंगा एवं यमुना नदी की बाढ़ के प्रभावित क्षेत्रों से ग्रामवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए स्थानों का चिन्हांकन कर लिया जाए। जल निगम एवं पंचायतीराज विभाग को निर्देशित किया कि वर्षाकाल में जो हैंडपंप निचले स्तर पर चले जाते हैं, उन्हें संक्रमण मुक्त करने के लिए उच्च स्तर पर करने की कार्रवाई की जाए। विद्युत अभियंताओं को निर्देशित किया कि जिन बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बिजली का प्रबंध न हो वहां अस्थायी कनेक्शन एवं ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था की जाए।