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अलीगढ़ः दंगा प्रदेश से गन्ना प्रदेश बने यूपी में नई बनेगी साथा चीनी मिल

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रिंकू शर्मा
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अलीगढ़ सहित बुलदंशहर, मथुरा, एटा व बदायूं के किसानों का बड़ा मुद्दा साथा चीनी मिल की नए सिरे से स्थापना का एलान कर मुख्यमंत्री ने पश्चिमी यूपी के गन्ना किसानों को साधने की कोशिश की है। उन्होंने अमित शाह की रैली में नई मिल की स्थापना का एलान कर चुके जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा की बात पर यह कहकर मुहर लगाई कि जब यूपी दंगा प्रदेश के बजाय गन्ना प्रदेश बन चुका है तो साथा चीनी मिल पीछे क्यों रहे? यहां भी नई चीनी मिल स्थापित की जाएगी। सरकार ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डबल इंजन सरकार की इन योजनाओं का किया गुणगान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश व केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों, किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों समेत समाज के हरेक तबके का पूरा ध्यान रखते हुए उनके हित में तमाम योजनाओं का संचालन कर उनका लाभ देने का काम किया है। उन्होंने बताया कि 1.21 लाख गांवों में विद्युतीकरण के साथ ही 1.28 करोड़ परिवारों तक बिजली पहुंचाकर उनके जीवन में उजाला लाने का काम किया है। इसमें 1.53 लाख परिवारों को फ्री में बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। सरकार ने 45 लाख गरीब पात्रों को पीएम आवास योजना के तहत आशियाने दिए गए हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 2.61 लाख घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गन्ना किसानों के भुगतान की समस्या को दूर करते हुए 1.52 हजार करोड़ रुपये से किसानों का भुगतान किया गया है। सीएम ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से दिए जा रहे टैक्स के पैसे को प्रदेश के विकास पर खर्च किया जा रहा है। अलीगढ़ में एक्सप्रेस वे, हाईवे, पॉवर प्लांट, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। युवाओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना कर कुलपति की भी नियुक्ति कर दी गयी है। विश्वविद्यालय अगले सत्र से कार्य करना शुरू कर देगा।
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अर्से पुरानी गन्ना किसानों की मांग पर हुआ एलान
जिले की पहली साथा सहकारी चीनी मिल का उद्घाटन 1977 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। मिल की क्षमता 1200 टीसीडी थी। बाद में मिल जर्जर होती गई। पिछले कई साल से मिल सुचारू रूप से नहीं चल पा रही थी। ऐसे में किसान नई मिल की मांग कर रहे थे। 2002 में गन्ने का रकबा करीब 22 हजार हेक्टेयर था, जो अब महज 4600 हेक्टेयर रह गया है। हजारों किसान नाराज थे। अलीगढ़ के अलावा हाथरस, बुलंदशहर, मथुरा, बदायूं के किसान भी परेशान थे। अब विधानसभा चुनाव से पहले योगी ने जर्जर मिल की जगह नई मिल की स्थापना की घोषणाकर किसानों को साधने का प्रयास किया है। यह भी कहा कि ये चुनावी घोषणा नहीं है।
- मीडिया के सहयोग से हमारी बात सुनी गई है। हमारी समस्या का हल होता दिख रहा है। नई यूनिट निश्चित ही जनपद के किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। - ठा.शैलेंद्र सिंह, किसान नेता
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- 2006 में मुझे साथा चीनी मिल का उपाध्यक्ष चुना गया था। 2007 में बसपा शासन में निगम वाली सभी चीनी मिलें बेची गईं। हम अदालत गए। हमारी जीत हुई। ब्लाक प्रमुख बनने के बाद सबसे पहले आवाज उठाई। आज उसी प्रस्ताव पर यह काम हुआ है। बेहद खुशी का विषय है। - हरेंद्र सिंह, ब्लाक प्रमुख जवां
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