महानगर के सिविल लाइंस के पानदरीबा से एक माह पहले गायब हुए कांग्रेस कार्यकर्ता नाहर सिंह की हत्या उसी रात कर दी गई थी। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी कर पुलिस ने यह खुलासा करते हुए मंगलवार को उसका शव भी बरामद कर दिया। यह हत्या डेढ़ लाख रुपये की खातिर की गई थी। अभी इस मामले में एक आरोपी और फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। वहीं दो आरोपियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
पानदरीबा के 38 वर्षीय अविवाहित नाहर सिंह कठेरिया कांग्रेस में सक्रिय थे। वह बड़े भाई रोहन सिंह के साथ रहता थे। 15 नवंबर की सुबह करीब सवा छह बजे उसके मोबाइल पर किसी का कॉल आया और उसके बाद अपनी बाइक लेकर चले गए। फिर नहीं लौटे। मामले में जब पुलिस को सूचना दी और जांच शुरू हुई तो मोबाइल बंद पाया गया, जबकि बाइक पान दरीबा के ही कब्रिस्तान में खड़ी मिली। इसके बाद से पुलिस को शक गहराया और 26 नवंबर को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर सुरागकशी शुरू की। इस बीच जांच में नाहर सिंह के दोस्त अजयपाल निवासी सुरेंद्र नगर, मोहर सिंह निवासी तिर्वा कन्नौज हाल निवासी मीनाक्षी पुल के नाम सामने आए। जब पुलिस ने इनकी तलाश शुरू की तो ये भी गायब पाए गए। जांच में यह भी साफ हुआ कि अजयपाल से नाहर सिंह ने डेढ़ लाख रुपये उधार ले रखे थे, जिन्हें लेकर दोनों में झगड़ा भी हुआ था।
इस दौरान पिछले सप्ताह पुलिस ने अजयपाल को गोवा से गिरफ्तार किया और पूछताछ के आधार पर उसके एक अन्य साथी पान दरीबा के श्रीराम को भी पकड़ा। दोनों को पूछताछ के बाद कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ न लगने पर अपहरण में जेल भेज दिया। हालांकि पुलिस को पूछताछ में पालीमुकीमपुर के बुलाकीपुर के एक मछली तालाब से जुड़े कुछ क्लू मिले। इस पर वहां नाहर सिंह का शव तलाशा गया, मगर उस समय सफलता हाथ नहीं लगी। फिर पुलिस ने मोहर सिंह की खोज शुरू की और बीत रात मोहर सिंह को दबोच लिया।
पूछताछ में मोहर सिंह ने बताया कि नाहर सिंह, वह खुद व अजयपाल अच्छे मित्र थे। अजय से नाहर सिंह ने रुपये ले रखे थे। इसे लेकर विवाद में नाजर सिंह ने अजय की बेइज्जती कर दी। इस पर उसने बदला लेने के लिए उसकी हत्या की योजना बनाई और तय किया कि वह 1.80 लाख रुपये नाहर सिंह को मारने वाले को दे देगा। एडवांस में डेढ़ लाख रुपये भी दे दिए थे। इस पर घटना वाले दिन नाहर सिंह को योजना बनाकर होंडा अमेज कार से अजय, वह खुद और एक अन्य अजय का रिश्ते का भतीजा पंकज अपने साथ ले गए। उसे पहले शराब पिलाई। फिर उसकी तमंचे से गोली मारकर हत्या कर शव मोहर सिंह के किराये पर संचालित मछली तालाब में जमीन में दफन कर दिया।
इस आधार पर पुलिस ने दिन में प्रयास कर नाहर सिंह का शव बरामद किया। साथ में हत्या में प्रयुक्त कार भी खैर के जड़ाना नगरिया से बरामद कर ली। इधर, शव को दोपहर में पोस्टमार्टम केंद्र भेज दिया। इस खबर पर परिवार व मोहल्ले के तमाम लोग, साथ में पूर्व विधायक विवेक बंसल, जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, महानगर अध्यक्ष बॉबी वसीह, ब्रजेश शर्मा, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, पूर्व विधयाक रामसखी कठेरिया आदि पहुंच गए। इन लोगों ने संवेदना व्यक्त करते हुए पुलिस पर देरी का आरोप लगाया। यहां लोगों के गुस्से को भी पुलिस ने शांत किया। देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
एक महिला भी आई थी जांच की जद में
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नाहर सिंह के एक महिला से भी संबंध थे। इस दौरान वह दोनों रिलेशनशिप में रहे। मगर एक माह पहले महिला उससे अलग हो गई और अपने भाई के साथ रहने लगी।
- डेढ़ लाख रुपये के विवाद में बेइज्जती का बदला लेने के लिए यह हत्या उजागर हुई है। पहले जेल भेजा गया अजयपाल, अब गिरफ्तार मोहर सिंह व फरार पंकज ने यह हत्या की। श्रीराम को इसकी जानकारी थी। फरार पंकज की तलाश की जा रही है। दो आरोपी पहले जेल जा चुके हैं। मोहर सिंह को भी जेल भेजा जाएगा। शव बरामद कर परिवार को सौंप दिया गया है। मुकदमे में हत्या व साजिश आदि की धाराएं बढ़ाई गई हैं।
-श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय
सर्विलांस के सहारे मिली मदद
इस खुलासे में सबसे महत्वपूर्ण सुराग सर्विलांस की मदद से मिले। खुलासे में सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय की अगुवाई में थाना पुलिस के अलावा नगर सर्विलांस टीम के एसआई संदीप सिंह व उनकी लगी रही और घटना का खुलासा हुआ।