डायलेसिस सेवा केंद्र का शुभारंभ करते कमिश्नर अजयदीप सिंह साथ में सीएमओ डा. एमएल अग्रवाल।
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दीनदयाल संयुक्त जिला अस्पताल में डायलिसिस मशीन का उद्घाटन शुक्रवार को कमिश्नर अजय दीप सिंह ने फीता काटकर किया। इसी के साथ ही अस्पताल में फेको तकनीक से आंखों के उपचार की भी शुरुआत हो गई। पहले दिन पांच मरीजों की आंखों का उपचार किया गया, जबकि डायलिसिस के लिए 18 मरीजों ने पंजीकरण कराया है।
दीनदयाल अस्पताल की सीएमएस डॉ. याचना शर्मा ने बताया कि डायलिसिस यूनिट में 10 मशीनें लगाई गई हैं, जो कि चार शिफ्ट में 12 घंटे काम करेंगी। एक मशीन एचआईवी पाजिटिव मरीजों के लिए रखी गई है और बाकी सामान्य मरीजों के लिए हैं।
यहां पर मरीजों की डायलिसिस नि:शुल्क होगी। एक मरीज की डायलिसिस करने में चार घंटे का समय लगता है। मरीज का हफ्ते में दो बार डायलिसिस होना होता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में फेको तकनीक का भी शुभारंभ हो गया है और पहले दिन आंखों के पांच मरीज देखे गए। बताया कि डायलिसिस मशीन के लिए पिछले दो वर्षों से प्रयास चल रहे थे। इस अवसर पर सीएमओ डा. एमएल अग्रवाल, मलेरिया विभाग के डा. राहुल कुलश्रेष्ठ, एएमयू डेंटल कालेज के डॉ. आरके तिवारी, एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, अस्पताल के स्टाफ समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
प्राइवेट में लगते हैं दो से तीन हजार रुपये
दीनदयाल अस्पताल में किडनी के मरीजों के लिए डयलिसिस नि:शुल्क है। इसका सबसे ज्यादा फायदा आर्थिक रूप से कमजोर किडनी के मरीजों को मिलेगा, क्योंकि प्राइवेट तौर पर डायलिसिस कराने में दो से तीन हजार रुपये एक बार में लगते हैं। हफ्ते में दो बार और महीने में आठ बार डायलिसिस होती है। इसमें 16 से 24 हजार रुपये प्रति माह का खर्चा आता है।