ईदगाह के बाहर नमाज न पढऩे पर बहुत से ऐसे लोग भी दिखे जो विरोध तो नहीं कर पा रहे थे, मगर उनके चेहरे पर विरोध के भाव झलक रहे थे। इनमें बहुत से ऐसे भी लोग थे, जो रोकटोक को देखकर वापस लौट गए और अपने मोहल्ले की मस्जिद में नमाज पढ़ी। कुछ लोग ऐसे भी थे जो दबी जुबां से इस प्रक्रिया का विरोध करते हुए चले जा रहे थे। कुछ चुपचाप ही रहे।
पुलिस संग वालेंटियरों ने रोके नमाजी
जब शाहजमाल की नई ईदगाह नमाजियों से भरने लगी और अंदर जगह नहीं थी तो पहले से तय योजना के तहत ईदगाह कमेटी के वालंटियर व उनके साथ लगे पुलिसकर्मी गेट पर नामजियों को समझाने लगे। सभी को इशारा कर पुरानी ईदगाह में जाने के लिए कहा गया और लोग वहां से चुपचाप पुरानी ईदगाह में चले गए। दूसरी शिफ्ट में पुरानी ईदगाह में नमाज हुई। वे लोग उसमें शामिल हुए। इस दौरान कुछ लोगों ने गेट के बाहर बैठने की कोशिश की। मगर उन्हें पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाकर हटाया और कहा कि आप लोग पुरानी ईदगाह में चले जाएं। इस पर उनके साथ ईदगाह कमेटी के लोग भी उन्हें समझाने लगे। इस पर सभी लोग उठ गए और दूसरी ईदगाह में चले गए।
वाहनों-बैरीकेटिंग से घेरा गया सडक़ को
नामाजियों के सड़क पर बैठने की पहले से मनाही थी। फिर भी लोग कहीं बैठ न जाएं, इस अंदेशे को ध्यान में रखते हुए चरखवालान चौराहे से लेकर शाहजमाल ईदगाह व उसके चारों ओर के रास्तों पर पुलिस ने वाहन व बैरीकेडिंग लगा रखे थे, ताकि लोग न बैठ सकें। जो आ रहे थे, उन्हें समझाकर भेजा जा रहा था।
दिन भर खान-पान की दुकानों और मॉल में भीड़
ईद उल अजहा के मौके पर खान पान की दुकानों व रामघाट रोड मॉल पर सुबह से ही भीड़ होने लगी और देर शाम तक यही आलम रहा। युवाओं व बच्चों ने जमकर उत्साह के साथ त्योहार मनाया।