पूर्व जिपं अध्यक्ष सुधीर चौधरी अब भाजपाई हुए
जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने जा रही सत्ताधारी भाजपा संगठन में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। उसकी वजह बन रहे हैं भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की साजिश के आरोप में जेल गए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी। सुधीर चौधरी बसपा और रालोद के बाद बृहस्पतिवार को भाजपा में शामिल हो गए। खैर रोड के गेस्ट हाउस में प्रदेश के सह संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह की मौजूदगी में आयोजित स्वागत समारोह में उनको भाजपा में शामिल कराया गया। इस मौके पर एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया मौजूद रहे, जबकि स्थानीय सांसद सतीश गौतम कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इस आयोजन के बाद एकाएक दिल्ली-लखनऊ तक अंदरखाने विरोध का दौर शुरू हो गया और देर रात पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी ने अभी उनके पार्टी में शामिल नहीं होने की बात कही है। स्वीकारा है कि जिला पंचायत चुनाव में सहयोग पर उनका स्वागत किया गया है।
गोमती गार्डन में बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में सुधीर चौधरी को भाजपा में शामिल कराया गया। एक दिन पहले ही मीडिया को इससे संबंधित सूचना दी गई थी। पार्टी के जिला प्रवक्ता के अनुसार सुधीर चौधरी ने कहा कि भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में समर्पित भाव से कार्य करेंगे। प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि सुधीर चौधरी को मैं पिछले दो दशक से जानता हूं। इनका व्यक्तित्व एक जुझारू राजनेता के रूप में रहा है। अब वे भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा 2022 के विधान सभा चुनाव में 350 से अधिक सीटें जीतेगी। क्षेत्रीय अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित कार्यकर्ताओं की पार्टी है। जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह ने सुधीर चौधरी को पटका पहनाकर स्वागत किया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव में सहयोग देने के लिए सुधीर चौधरी की तारीफ की गई। सह प्रदेश संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह को पार्टी नेताओं ने जन्म दिन पर शुभकामनाएं दीं। राज्य अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य बनी अनीता जैन एवं ब्रज क्षेत्र महिला मोर्चा की अध्यक्ष मधुलिका राघव को भी नेताओं ने सम्मानित किया। कार्यक्रम को एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया, पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, विधायक संजीव राजा, अनिल पाराशर, रवेंद्रपाल सिंह, राजकुमार सहयोगी, शिवनारायण शर्मा आदि ने संबोधित किया। ई. राजीव शर्मा, डॉ. गोपाल माहेश्वरी, अनेकपाल सिंह, पंकज पवार, सुरेश सिंह, पवन भीलवाड़ा, अमित चौधरी, राजेश राणा, आशीष कुमार आदि मौजूद थे। वहीं खैर क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले सुधीर की खैर विधानसभा के विधायक अनूप प्रधान, सांसद सतीश गौतम नहीं थे।
कोरोना प्रोटोकॉल का नहीं रखा गया ध्यान
अलीगढ़। भाजपा के कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकॉल का ध्यान नहीं रखा गया। मंच पर आसीन कुछ लोग भी बिना मास्क के नजर आए। गोमती गार्डन में भी कोरोना गाइड लाइन की धज्जिया उड़ाई गई। विवाह समारोह में भले ही संख्या निर्धारित कर दी गई है। राजनीतिक कार्यक्रमों में बंद हॉल के अंदर क्षमता से अधिक लोगों की मौजूदगी के बावजूद किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।
भाजपा के संकटमोचक बने सुधीर
अलीगढ़। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के लिए संकट मोचक साबित हुए। पूर्व कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह एवं कर्मवीर सिंह ने भूमिका तैयार की। भाजपा नेताओं से संपर्क में आने के पहले सुधीर सिंह अपनी पत्नी को अध्यक्ष पद पर लड़वाना चाहते थे। इसी कवायद में वे रालोद में शामिल हुए थे। मगर बाद में उनके पीछे हटने पर भाजपा की राह आसान हुई और रालोद ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया।
जिस भाजपा ने जेल भिजवाया, आज उसी में स्वागत
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी जिस वक्त जिला पंचायत अध्यक्ष थे, उस वक्त 2014 में उन पर टप्पल के गांव जहानगढ़ के तत्कालीन प्रधान पति, भाजपा कार्यकर्ता टप्पल सहकारी समिति के अध्यक्ष ज्ञानचंद्र शर्मा उर्फ ज्ञानी प्रधान की हत्या की साजिश का आरोप लगा था। पुलिस ने सीधे-सीधे खुलासा किया था कि सहकारी समिति चुनाव में भाजपा के समर्थन से जीते ज्ञानी के उभरते राजनीतिक रसूख और भविष्य में 2015 के जिला पंचायत सदस्य चुनाव में सामने आने से रोकने के लिए सुधीर चौधरी (उस समय बसपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष) ने यह हत्या कराई है। बाद में सुधीर को इस आरोप में करीब 6 माह तक जेल में भी रहना पड़ा। आज भी मुकदमा सत्र न्यायालय में विचाराधीन है और गवाही चल रही है। आज उस सुधीर को भाजपा में शामिल करने और गर्मजोशी से स्वागत करने पर ज्ञानी का परिवार हैरान है।
पार्टी ने दिलाया था न्याय, अब करेंगे शिकायत
इस विषय में बातचीत में ज्ञानी के बड़े भाई अमरचंद ने कहा कि जिस वक्त ज्ञानी की हत्या हुई, उस वक्त मुद्दा प्रदेश भर में सुर्खियों में रहा। हालांकि सुधीर के स्तर से तमाम प्रयास बचाव में किए गए। मगर जब बात नहीं बनी तो कोर्ट में हाजिर हुआ। इस दौरान पार्टी के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने खुद सीधे एसएसपी से फोन पर वार्ता कर कहा था कि अगर सुधीर को जेल नहीं भेजा गया तो पार्टी आंदोलन को बाध्य होगी। अमर चंद्र कहते हैं कि वे खुद, उनका परिवार होश संभालने के बाद से भाजपाई हैं। ज्ञानी भी पार्टी के लिए शुरू से काम करता था। उसकी हत्या के बाद पार्टी ने स्थानीय स्तर से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक से मदद मिली। न्याय दिलाने में पार्टी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही। आज बेहद दुख हो रहा है कि उसी पार्टी ने अपने कार्यकर्ता की हत्या की साजिश के आरोपी को शामिल करा लिया है। वे व उनका परिवार इस मामले में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में आस्था रखते हैं। उन्हें न्याय मिलेगा। पार्टी के इस कदम की वे दिल्ली व लखनऊ स्तर पर शिकायत अवश्य करेंगे। अगर पार्टी ने नहीं सुनी तो फिर आगे समाज व परिवार की सहमति से कदम उठाएंगे।
भाजपा के कृष्णपाल ने हराया सुधीर को
हाल ही के जिला पंचायत चुनाव में टप्पल ब्लाक से सुधीर चौधरी निर्दल सदस्य पद पर चुनाव लड़े थे। उनके सामने भाजपा से घोषित प्रत्याशी कृष्णपाल लाला चुनाव लड़े और उन्होंने सुधीर को चुनाव हराया था। आज के कार्यक्रम में कृष्णपाल लाला खुद मौजूद नहीं रहे।
भाजपा की राजनीति गरम
पूर्व जिपं अध्यक्ष सुधीर चौधरी के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के अंदर की राजनीति गरमा गई है। ज्ञानी हत्याकांड में सुधीर चौधरी पर आरोप लगने के कारण सांसद सहित कई नेता इस कार्यक्रम से दूर रहे। हालांकि दबी जुबान यह भी कहा जा रहा है कि सुधीर चौधरी का स्वागत किया गया। पार्टी में शामिल नहीं किया गया है। जब विरोध की सुगबुगाहट शुरू हुई तो इस खेमे को यही बताया गया कि पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं कराई गई। बस उनका स्वागत किया गया है। इसे लेकर देर रात तक तरह-तरह की खबरें आती रहीं।
- सुधीर चौधरी अपने 50 से अधिक कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए हैं। खुद पार्टी के सहसंगठन मंत्री करमवीर सिंह की मौजूदगी में यह घोषणा की गई है। सांसद सतीश गौतम का आज जन्म दिन है। दूसरे कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण नहीं आए।
-चौ.ऋषिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा
- प्रदेश के सह संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह से पुराने संबंध है। उन्हीं के आदेश पर कार्य कर रहा हूं और भाजपा में शामिल हो गया हूं। भाजपा में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। विरोध पर अनभिज्ञता जताते हुए कहा हर मनुष्य में ईर्ष्या के भाव होते हैं। मुझमें भी हैं।
-सुधीर चौधरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
- सुधीर चौधरी ने जिला पंचायत के चुनाव में भाजपा का सहयोग किया है। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भी वे पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं और जिताने में पूरा सहयोग कर रहे हैं। इसी नाते उनका सिर्फ स्वागत किया गया है। वे पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं।
- रजनीकांत माहेश्वरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा