सूबे के अतिसंवेदनशील महानगर में होली को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। गुरुवार को बाजार की होली और शुक्रवार को जुमे के दिन धूल को लेकर पुलिस प्रशासनिक अमला बेहद चिंतित है। इसे लेकर तय कर लिया गया है कि मिश्रित आबादी वाले इलाकों में जुमे से पहले होली खेल ली जाए। जुमे की नमाज के स्थल भी तय करा दिए गए हैं। शहर की निगरानी में ड्रोन कैमरे व सोशल मीडिया की निगरानी के लिए साइबर सेल को सक्रिय किया गया है। गुरुवार को बाजार की होली से ही सुरक्षा इंतजाम लागू कर दिए गए। शहर को आठ सेक्टरों में बांटा गया है। यह व्यवस्था होली के एक दिन बाद तक रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि जिनको रंग या पानी से ऐतराज है, वह बाजारों या सड़कों पर न निकलें।
एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि होलिका समितियां बनाई गई हैं। लोगों से यही अपील की जा रही है कि किसी तरह का विवाद न होने पाए। जिनको होली से ऐतराज है, वह घरों से न निकलें। शराबियों पर पूरी तरह नियंत्रण के लिए बैरियरों पर चेकिंग की जाएगी। पुराने शहर में एसपीओ व आपदा प्रबंधन टीम को भी लगाया गया है। थानों, चौकियों के फोर्स के अलावा बाहर से फोर्स मिला है। ड्रोन कैमरे शहर की निगरानी में लगाए जा रहे हैं।
यातायात व्यवस्था
एटा, कानपुर से अलीगढ़ शहर की तरफ से आने वाले सभी प्रकार के भारी वाहन बोनैर तिराहे से नए बाईपास होते हुए अपने-अपने गंतव्य को जाएंगे। प्रभारी निरीक्षक गांधी पार्क बौनेर तिराहा एवं एटा चुंगी पर पर्याप्त पुलिस बल लगाकर डायवर्जन कराना सुनिश्चित करेंगे।
दिल्ली, बुलंदशहर की तरफ से अलीगढ़ शहर की तरफ से आने वाले सभी प्रकार के भारी वाहन सारसौल चौराहे से बाईपास होते हुए अपने-अपने गंतव्य को जाएंगे। प्रभारी निरीक्षक बन्ना देवी सारसौल चौराहे से डायवर्जन कराना सुनिश्चित करेंगे।
आगरा-मथुरा की तरफ से अलीगढ़ शहर की तरफ से आने वाले सभी प्रकार के भारी वाहन नए बाईपास होते हुए अपने अपने गंतव्य को जाएंगे। प्रभारी निरीक्षक सासनीगेट नगला मंदिर नए बाईपास व मथुरा रोड नए बाईपास पर बने ओवर ब्रिज के नीचे पर्याप्त पुलिस बल लगाकर डायवर्जन कराना सुनिश्चित करेंगे।
नरौरा, अतरौली की तरफ से अलीगढ़ शहर की तरफ से आने वाले सभी प्रकार के भारी वाहन बाईपास होते हुए अपने-अपने गंतव्य को जाएंगे। प्रभारी निरीक्षक क्वार्सी कोई भी भारी वाहन शहऱ की तरफ नहीं आने देंगे।
जुमे की नमाज के वक्त में बदलाव
दो मार्च को होली के दिन ही जुमा (शुक्रवार) होने के चलते शहर मुफ्ती ने जुमे की नमाज के वक्त में बदलाव किया है। यह वक्त उन मस्जिदों में बदलाव किया गया है, जहां हुरियारों का हुजूम होता है, जिसे संवेदनशील क्षेत्र भी माना जाता है।
शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने अमर उजाला को बताया कि मस्जिदों के मुतवल्ली से राय मशविरा करने के बाद नमाज के वक्त में बदलाव किए जाने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि अब्दुल करीम चौराहे पर स्थित हलवाइन मस्जिद, फूल चौराहा स्थित मोती मस्जिद में अब खुतबा दोपहर 1:30 बजे होगा, जबकि पहले खुतबे का वक्त एक बजे था। इसी क्रम में अहले हदीस मस्जिद पुरानी कोतवाली (कुंजीलाल के सामने) में खुतबा दोपहर 1:30 होगा। पहले यहां खुतबा 12:30 बजे होता था। खुतबे के बाद नमाज होगी। यहां बताना दिलचस्प होगा कि जुमे के दिन होली पड़ने के चलते गंगा-जमुनी तहजीब बरकरार रहे। इसके लिए बाकायदा 26 फरवरी को कलेक्ट्रेट सभागार में हिंदू-मुस्लिम समाज के संभ्रांत लोगों की बैठक हुई थी। इसमें सद्भाव और भाईचारा कायम रखने का संकल्प लिया गया। डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद व एसएसपी राजेश पांडेय ने थोड़ा पहले खेल लें होली, थोड़ी देर से हो नमाज होने की अपील की थी। अफसरों की अपील पर शहर मुफ्ती ने मुहर लगा दी।
शहर मुफ्ती के फैसले की सराहना जिला प्रशासन ने भी की है। वहीं, समाजसेवी गुलजार अहमद ने कहा कि शहर मुफ्ती की उम्दा पहल है। उन्होंने बता दिया कि वह गंगा-जमुनी तहजीब बचाने को लेकर कितने फिक्रमंद हैं। 27 फरवरी को सूबे की राजधानी लखनऊ में होली को लेकर सुन्नी व शिया समुदाय के मौलाना ने जुमे की नमाज के वक्त में बदलाव किया था।