अवैध निर्माण को ध्वस्त करता महाबली।
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जिले में सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों पर अब प्रशासन की नजरें टेढ़ी हो गई हैं और उन्हें कब्जामुक्त कराने के साथ ही पक्के निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी क्रम में सोमवार को राजस्व, पुलिस व नगर निगम के अफसरों की देखरेख में हुई संयुक्त कार्रवाई में क्वार्सी क्षेत्र के धौर्रामाफी में अभियान चलाया गया। करीब 20 करोड़ रुपये की सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए बुलडोजर गरजता रहा। फ्लैट बनाकर किए गए अवैध निर्माण कार्यों को जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान अवैध कब्जाधारकों में खलबली मची रही।
एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि क्वार्सी क्षेत्र के धौर्रामाफी-इकरा कॉलोनी के पास गाटा संख्या 256 में 1.826 हेक्टेयर रकबे की सरकारी भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। इस जमीन पर धौर्रा निवासी प्रॉपर्टी डीलर लाड़ले खां ने न केवल सरकारी जमीन पर कब्जा लिया था, बल्कि वहां थ्री बीएचके के लाखों की कीमत वाले फ्लैट भी बना डाले। अवैध कब्जे को लेकर हुई शिकायत के बाद जांच कराई गई तो वह सही मिली।
घंटों तक चला बुलडोजर
इस पर कब्जाधारक को नोटिस देकर कब्जा हटाने के लिए अल्टीमेटम दिया गया। फिर भी कब्जा न हटा तो सोमवार को एडीएम सिटी के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा, एसडीएम कोल संजीव ओझा, एसीएम द्वितीय सुधीर कुमार, तहसीलदार डॉ. गजेंद्र पाल सिंह व सहायक नगर आयुक्त टीपी सिंह आदि भारी पुलिस बल के साथ जेसीबी व पोकलैंड मशीन लेकर पहुंच गए। अफसरों की देखरेख में कई घंटे तक निर्माण कार्यों को ध्वस्त करने की कार्रवाई चलती रही।
नगर निगम को सौंपी जमीन
एडीएम सिटी ने बताया कि अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन की कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है, जबकि इसका सर्किल रेट 8.5 करोड़ रुपये व बाजार रेट 12 करोड़ प्रति हेक्टेयर है। उन्होंने बताया कि इसी गाटे से जुड़ी कुछ जमीन पर पहले से ही नगर निगम काबिज है। अब कब्जा से मुक्त कराई गई जमीन को भी नगर निगम को सौंप दिया गया है। अवैध कब्जाधारकों पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गभाना व अतरौली में चला अभियान
अवैध कब्जा हटवाने के अभियान के तहत तहसील अतरौली के जखैरा गांव में मरघट की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को एसडीएम रवि शंकर ने ध्वस्त करा दिया। गभाना एसडीएम भावना विमल ने चांदनेर गांव में पंचायत घर के पास ग्राम समाज की भूमि से बुलडोजर की मदद से कब्जों को ध्वस्त कराकर कब्जा मुक्त कर दिया।