अठ्ठराह वर्ष पूर्व जुआरियों की घड़ी गायब करने के मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद चार पुलिस कर्मियों ने शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या सात में समर्पण कर दिया। इनमें से एक पुलिस कर्मी ने श्वांस और मधुमेह रोग का हवाला देते हुए जेल में दवाएं खाने की अनुमति मांगी है। समर्पण करने वालों में वर्ष 2001 में गोंडा थाने में तैनात एसआई मनोहर सिंह चौहान, सोबरन सिंह, हेत सिंह और सुभाष चंद्र शामिल हैं। इन सभी ने टीम बना कर एक जुआ पकड़ा था।
जिसमें उस वक्त आरोपियों के पास से एक कीमती घड़ी भी बरामद हुई थी। जब जुआरियों ने दो वर्ष की सजा काट ली और वह रिहा हुए तो उन्होंने अपना जमा कराया गया सामान मांगा। पुलिस ने सामान वापस किया तो जुआरियों ने कहा कि उन्होंने एक कीमती घड़ी जमा की थी, जो गायब है। इस पर जुआरियों ने पुलिस पर कोर्ट के माध्यम से मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी मुकदमे की सुनवाई में पुलिस कर्मी पैरवी कर रहे थे। जिसमें 5 नवंबर को उक्त अदालत ने पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ 18 वर्ष बाद गैर जामनती वारंट जारी कर दिए।
इसी वारंट पर शुक्रवार को पांच में से चार पुलिसकर्मी अदालत में हाजिर हुए और उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में एक पुलिस कर्मी अब तक अदालत नहीं पहुंचा है।