आरपीएफ क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को सिकंदराराऊ में साइबर कैफे में छापा मारकर संचालक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 10 लाख रुपये की रेलवे की ई-टिकट की अवैध बिक्री के साक्ष्य मिले हैं। उसने 400 ई-टिकटों की बिक्री की है, जिनकी कीमत दस लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
स्टेशन पर संचालित आरक्षण केंद्र पर लगातार आरक्षण कम होने पर आरपीएफ की टीम को सक्रिय किया गया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर चमन सिंह तोमर के मुताबिक, क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार कौशिक की टीम ने सिकंदराराऊ स्थित एक कॉम्प्लेक्स में चल रहे साइबर कैफे पर छापा मारा। यहां से पवन वार्ष्णेय पुत्र नंदलाल निवासी कस्बा डमडमा को रेलवे की अवैध रूप से ई-टिकट बनाते हुए पकड़ा।
इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार कौशिक के अनुसार, आरोपी के पास से चार फर्जी आईडी, 400 ई-टिकट का ब्योरा, अग्रिम यात्रा के टिकट, कंप्यूटर, प्रिंटर, मोबाइल फोन, इंटरनेट डिवाइस आदि बरामद हुए हैं। मामले में सुसंगत धाराओं में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शनिवार को उसे रेलवे कोर्ट में पेश किया जाएगा। पवन के अन्य साथियों की तलाश भी जारी है।