अयोध्या पर फैसला शनिवार को आ ही गया। सूबे के 12 अतिसंवेदनशील शहरों में शामिल ताला और तालीम के इस शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया। सुबह से कड़ी सुरक्षा के बीच रहे शहर का पूरा दिन सुकून से गुजर गया। निषेधाज्ञा और सेक्टर स्कीम के बीच समूचे शहर में पुलिस, पीएसी, आरएएफ और पैरामिलिट्री दिन भर सक्रिय रही। शहर को 25 सेक्टरों में बांटकर रखा गया है। इस दौरान डीएम-एसएसपी के अलावा डीआईजी-कमिश्नर पूरे समय भ्रमणशील रहे। हालांकि बाजारों में दोपहर तक सामान्य दिनों से कम भीड़ रही। मगर दोपहर बाद शहर के हालात सामान्य होते चले गए।
इस दौरान मुस्लिम बाहुल्य इलाकों के बाजार में व्यापारिक प्रतिष्ठान दोपहर तक ज्यादातर बंद ही रहे और लोगों की आवाजाही भी कम रही। फैसला आने के बाद शहर में कुछ जगहों पर उत्पाती युवकों द्वारा आतिशबाजी किए जाने और मिठाई बांटे जाने की खबरें आईं, जिस पर पुलिस ने दौड़ाकर उन्हें खदेड़ दिया। वहीं सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर चार लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वहीं इंटरनेट सेवाओं को फिलहाल रविवार दोपहर 12 बजे तक प्रतिबंधित रखने का निर्णय लिया है। वहीं एएमयू सहित सभी स्कूल-कॉलेज, अन्य शिक्षण संस्थान, कोचिंग व लाइब्रेरी मंगलवार 12 नवंबर तक बंद रखने का निर्णय लिया है।
अयोध्या पर फैसला आने की घोषणा शुक्रवार देर शाम होते ही लोगों की धड़कनें बढ़ गई थीं। लोग तरह-तरह की आशंकाओं से परेशान थे। इसी तरह की तैयारियां पुलिस प्रशासनिक स्तर से की गई थीं। देर रात डीएम-एसएसपी ने बैठक कर तैयारियों की नए सिरे से समीक्षा कर पुलिस प्रशासनिक टीम को अलर्ट किया था। सुबह 7 बजे से ही पुलिस प्रशासनिक टीम शहर की सड़कों पर सक्रिय हो गई थीं। डीएम चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी आकाश कुलहरि, सीडीओ अनुनय झा, एडीएम सिटी राकेश मालपाणी, एसपी सिटी अभिषेक सहित तमाम अधिकारियों की टीमें दस बजे से पहले ऊपरकोट पहुंच गईं। अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहे। फैसले के दौरान एएमयू में भी अलग से एक कंपनी आरएएफ तैनात कर चारों ओर से कड़ी चौकसी रखी गई थी।
फैसला सुनाया जाना शुरू होते ही अधिकारी ऊपरकोट कोतवाली पर जमा हो गए और सीसीटीवी कंट्रोल रूम के जरिये पुराने शहर पर नजर गड़ाकर बैठ गए। फैसला पूरा होने के बाद अधिकारियों ने फिर से भ्रमण करना शुरू कर दिया। इस दौरान शहर के मदार गेट पुलिस चौकी के पीछे, महावीरगंज, रामघाट रोड क्वार्सी आदि जगहों पर आतिशबाजी किए जाने और कुछ जगहों पर मिठाई बांटे जाने की खबरें आईं, जिन्हें पुलिस ने तत्काल दौड़कर रुकवाया और वहां मौजूद उत्पाती युवकों को हिदायत देकर दौड़ा दिया।
वहीं सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट वायरल करने पर एएमयू के पूर्व कोर्ट मेंबर आकिब खान अलीग, मुद्दबिर अली चौधरी, आसिफ इदरीश, मो. अब्दुल्ला आजम पर पुलिस के सोशल मीडिया सेल द्वारा सिविल लाइंस में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं डीएम के सोशल मीडिया सेल ने भाजपा नेत्री व पूर्व पार्षद मधु आंधीवाल को आपत्तिजनक पोस्ट करने पर कार्रवाई के लिए चिह्नित किया है। इस दौरान शहर में करीब 500 लोग सर्विलांस पर रखे गए, जबकि 100 से ज्यादा लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट पर निगरानी रही और कई दर्जन ऐसे लोग रहे, जिनको गोपनीय तरीके से पुलिस निगरानी में रखा गया।
इसके अलावा सभी बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक व भीड़भाड़ वाले स्थलों पर पुलिस की विशेष निगरानी रही। वहीं मिश्रित आबादी वाले व अतिसंवेदनशील इलाकों में पुलिस बेहद सतर्क रही। अधिकारियों की टोली दोपहर तीन बजे तक पुराने शहर में सक्रिय रही। इसके बाद अधिकारी जिला मुख्यालय की ओर रवाना हो गए, जहां बैठकों का दौर शुरू हो गया।
- अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर शहर के हर वर्ग ने अमन का परिचय दिया है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। अभी पुलिस प्रशासनिक स्तर से सुरक्षा इंतजाम अग्रिम आदेश तक प्रभावी रहेंगे। किसी भी स्तर पर न तो लापरवाही होगी और न किसी को कानून तोड़ने दिया जाएगा।
- चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
- फैसले का दिन अमन से बीता है। अलीगढ़ में हालात पूरी तरह सामान्य रहे हैं। शहर के लोग इसके लिए बधाई के पात्र हैं। सोशल मीडिया पर पुलिस की लगातार निगरानी है, जिसके तहत चार लोग चिह्नित किए गए हैं। पुलिस प्रशासनिक स्तर से एहतियात आगे भी जारी रहेगी।
- आकाश कुलहरि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
ऊपरकोट जामा मस्जिद के बाहर तैनात पुलिस का जवान। - फोटो : CITY OFFICE