अलीगढ़ के मलखान सिंह जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) कार्यालय में लगे एसी में 1 मई को सुबह आठ बजे आग लग गई। आग लगने का कारण शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा है। जिस समय यह घटना हुई, उस समय कार्यालय से 10 मीटर की दूरी पर पर्चे बनवाने के लिए मरीजों की कतार लगी हुई थी। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
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सुरक्षा कर्मी केपी सिंह ने बताया कि सुबह-सुबह कार्यालय से धुआं निकलता दिखाई दिया। अंदर झांक कर देखने पर आग लगी हुई थी। तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। सुरक्षाकर्मी सुरेश भारद्वाज ने बताया कि दमकल की गाड़ी पहुंचने से पहले ही सुरक्षाकर्मियों ने आग बुझा दी थी।
सीएमएस डॉ. जगबीर सिंह ने बताया कि शॉर्ट-सर्किट के कारण आग लगी थी। मौके पर पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने कहा कि पिछले दिनों अस्पताल की वायरिंग पर 20 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इसके बावजूद फायर सेफ्टी को लेकर ऑडिट में सवाल उठाए गए थे। उन्होंने घटना की जांच की मांग की है।