सेवानिवृत अमीन निरंजन सिंह कमरे में सो रहे थे। उनके ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं। इनमें देर रात शार्ट सर्किट हुआ और उससे छूटी चिंगारी से उनकी रजाई में आग लग गई। रजाई के साथ चारपाई ने भी आग पकड़ ली। वह चारपाई पर ही जिंदा जल गए।
अतरौली कोतवाली के गांव चौमुहां में 10 फरवरी की रात शार्ट सर्किट छूटी चिंगारी ने रजाई में आग पकड़ ली और इससे कमरे में सो रहे सेवानिवृत अमीन निरंजन सिंह (68) जिंदा जल गए। लकवे से पीड़ित होने के कारण वह न तो चल पाते थे और न ही बोल पाते थे। इस वजह से वह किसी को बता भी नहीं पाए। कमरे में धुआं भरने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई।
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गांव चौमुहां निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि उनके पिता निरंजन सिंह अमीन के पद से सेवानिवृत हुए थे। 10 फरवरी रात वह घर में बने कमरे में सो रहे थे। परिवार के अन्य लोग दूसरे कमरे में सो रहे थे। उनके ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं। इनमें देर रात शार्ट सर्किट हुआ और उससे छूटी चिंगारी से उनकी रजाई में आग लग गई।
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रजाई के साथ चारपाई ने भी आग पकड़ ली। वह किसी को आवाज नहीं लगा पाए और चारपाई पर ही जिंदा जल गए। काफी देर बाद कमरे में धुआं उठता देख परिजनों कमरा खोलकर देखा तो वहां का नजारा देख सबके होश उड़ गए। शोर मचाने पर पड़ोसी भी पहुंच गए आग पर काबू पाया और कमरे में आग दहक रही थी।
जैसे-तैसे निरंजन सिंह को बाहर लाया गया, लेकिन तब तक जिंदा जलकर मौत हो गई। निरंजन सिंह के दो बेटे व दो बेटियां हैं, सभी की शादी हो चुकी है। जिपं सदस्य प्रवेशवती, डा. रवेंद्रपाल सिंह पीड़ित परिवार से मिले और उन्हें ढाढ़स बंधाया। उन्होंने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग प्रशासन से की है।