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Aligarh News: बजट खपाने में आधी रात तक खुले रहे दफ्तर

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कोषागार में काम करते कर्मचारी व अधिकारी।  - फोटो : samvad
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वित्तीय वर्ष 2025-26 की विदाई की पूर्व संध्या पर जिले के सरकारी महकमों में जबरदस्त गहमागहमी देखने को मिली। बजट को लैप्स होने से बचाने और आवंटित धनराशि को ठिकाने लगाने के चक्कर में मंगलवार देर रात तक कोषागार, तहसील और रजिस्ट्री कार्यालयों में काम चलता रहा।
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31 मार्च की समय सीमा के दबाव के चलते विभागीय अधिकारी शेष धनराशि को खर्च करने की जुगत में भिड़े रहे। सबसे ज्यादा हलचल कोषागार कार्यालय में दिखी, जहां बिलों को पास कराने के लिए विभिन्न विभागों के बाबू और ठेकेदार देर रात तक डटे रहे। इसके अलावा, निबंधन कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) में भी राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए रात तक कामकाज होता रहा।
3,722 करोड़ में से 122 करोड़ रह गए शेष

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस वित्तीय वर्ष में जनपद के 109 विभागों को कुल 3,722 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। प्रशासनिक सक्रियता के बावजूद 31 मार्च 2026 की रात तक लगभग 3,600 करोड़ रुपये ही खर्च किए जा सके।
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बजट की स्थिति

कुल आवंटित बजट- 3,722 करोड़ रुपये

कुल खर्च- 3,600 करोड़ रुपये

शेष (अनप्रयुक्त) राशि - 122 करोड़ रुपये
कई विभाग 50 फीसदी भी खर्च भी नहीं कर पाए :

जहां कुछ विभाग एक-एक पैसा खपाने के लिए रात-दिन एक किए हुए हैं, वहीं जिले के कई विभाग ऐसे भी हैं जो साल भर में अपने आवंटित बजट का 50 फीसदी हिस्सा भी खर्च नहीं कर सके।
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