छात्रों से हुए झगड़े के बाद एएमयू के जेएन मेडिकल कालेज के डाक्टरों के हड़ताल पर जाने और छह दिन तक चली हड़ताल में पांच मरीजों की मौत होने का मामला न्यायालय पहुंच गया है। न्याय संगठन ने सीजेएम न्यायालय में वाद दायर करते हुए रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अहमद अब्दुल्ला, उपाध्यक्ष मो. शैगन, सचिव अम्मार जावेद समेत हड़ताल में शामिल रहे 600 रेजीडेंट डाक्टरों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि 23 अप्रैल से छह दिन तक चली हड़ताल के दौरान उपचार के अभाव में मृत पांच मरीजों का कसूर क्या था।
उनकी मौत का जिम्मेदार मानते हुए इन आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। न्यायालय ने यह याचिका स्वीकार करते हुए पुलिस से रिपोर्ट तलब कर ली है।
न्यायालय को दिए प्रार्थनापत्र में न्याय संगठन के उपाध्यक्ष एवं टीचर्स कालोनी निवासी चौ. इफराहीम हुसैन पुत्र शाहिद हुसैन ने कहा कि जेएन मेडिकल कालेज में छात्र के इलाज में लापरवाही बरतने के मामले में मरीज के साथियों से झगड़े के बाद 23 अप्रैल को रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के 600 डाक्टरों ने अवैध रूप से इमरजेंसी सेवाएं समाप्त कर ताला जड़ दिया था। इसकी वजह से बाहर से आने वाले मरीजों को उपचार नहीं मिल सका।
छह दिन इमरजेंसी बंद रहने से पांच मरीजाें की मौत हो गई। संगठन के अध्यक्ष सरदार मुकेश सैनी, उपाध्यक्ष इफराहीम हुसैन एवं सचिव अशोक यादव ने प्रशासन से इमरजेंसी सेवाएं तत्काल खुलवाने एवं दोषियों के खिलाफ केंद्र व राज्य सरकार को अवगत कराने की मांग की थी।
चेतावनी दी थी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो एएमयू के प्रशासनिक कक्ष में तालाबंदी की जाएगी। लेकिन डीएम के आग्रह पर हमने ऐसा नहीं किया। सातवें दिन सेवाएं शुरू हुई। इस दौरान हुई पांच मरीजों की मौत का जिम्मेदार कौन है। डाक्टरों ने अवैध रूप से इमरजेंसी बंद क्यों की और बेकसूर मरीजों की जान क्यों ली। अदालत से इन पर मुकदमे का अनुरोध किया गया है। इस पर अदालत ने प्रकीर्ण वाद दर्ज कर सुनवाई को अगली तारीख दस मई नियत की है।
मेडिकल कॉलेज के झगड़े में छात्रसंघ नेता जिम्मेदार
जेएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी विभाग में पिछले पखवाड़े रेजीडेंट डॉक्टर व एएमयू छात्र नेताओं में हुई भिड़ंत के मामले में जांच कमेटी ने छात्र नेताओं को दोषी माना है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एएमयू इंतजामिया स्तर से रिपोर्ट पुलिस को भेजी गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब छात्र नेताओं पर मुकदमे की तैयारी में है। बुधवार रात में ही मुकदमा दर्ज होने के संकेत हैं, जिसमें छात्रसंघ उपाध्यक्ष नदीम अंसारी, सचिव नवील उस्मानी और फरहान जुबैरी सहित 15 अज्ञात आरोपी हैं। बता दें कि 23 अप्रैल को छात्र एवं डॉक्टर आमने-सामने आ गए थे। दोनों से जमकर मारपीट हुई थी। इसके चलते रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। इस मामले में रेजीडेंट डॉक्टर साद की ओर से पुलिस को छात्रसंघ उपाध्यक्ष नदीम अंसारी, सचिव नवील उस्मानी और फरहान जुबैरी समेत 15 के खिलाफ मुकदमे को तहरीर दी गई थी। इसके अलावा सात अन्य तहरीर भी आई थीं। मगर पुलिस ने अब तक मुकदमे के बजाय सीधे-सीधे एएमयू इंतजामिया पर यह जिम्मेदारी डाल दी थी कि चूंकि अंदर सीसीटीवी लगे हैं और एएमयू जांच करा रही है तो पहले आरोपियों को चिह्नित करके दे। उसके अनुसार मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस सुनील कुमार वर्मा के अनुसार मेडिकल कॉलेज संबंधी झगड़े में एएमयू की जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को रिपोर्ट कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इस रिपोर्ट में उपाध्यक्ष, सचिव आदि को आरोपी माना गया है। इसलिए अब इन लोगों पर मुकदमा आदि की कार्रवाई की जाएगी।