सिंचाई विभाग के अवर अभियंता ऋतुराज सिंह का कहना है कि रजबाहा से किसान सिंचाई कम करते हैं। रजबहा में पीछे से कचरा बहकर आने से कई जगह बहाव रुक जाता है। कई स्थानों पर चूहों द्वारा बिल खोद दिए जाते हैं, इससे उनमें पानी भरने से पटरी कट जाती है।
कांड़ली रजबाहा ओवरफ्लो होने से किनारे की पटरी कट गई। इससे पटरी के किनारे करीब 50 बीघा खेतोंं में पानी भर गया। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही उनकी फसल में पानी भरा है। यह सिलसिला करीब एक सप्ताह से चल रहा है।
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क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से कांड़ली रजबहा कटने की वजह से खेतों में पानी भर रहा है। किसान सिंचाई विभाग को इसकी सूचना दे रहे हैं, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंच रहा है। किसान खुद ही पानी रोक रहे हैं। पटरी कटने से गांव ग्राम मोहकमपुर निवासी सुनील सिंह की 16 बीघा, रामवीर सिहं की तीन बीघा, शंकरलाल की पांच बीघा, बंटी की चार बीघा, श्यामवीर की दो बीघा तथा लक्ष्मण के आठ बीघा गेहूं की फसल खराब हो गई है। किसानों ने प्रशासन से सिंचाई विभाग से क्षति का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
मामले में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता ऋतुराज सिंह का कहना है कि रजबाहा से किसान सिंचाई कम करते हैं। रजबहा में पीछे से कचरा बहकर आने से कई जगह बहाव रुक जाता है। कई स्थानों पर चूहों द्वारा बिल खोद दिए जाते हैं, इससे उनमें पानी भरने से पटरी कट जाती है। हालांकि रोज शाम को रजबाहा में पानी बंद कर दिया जाता है। फिर भी क्षेत्र में कर्मचारियों को भेज जांच कराई जाएगी।