फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh: 10 साल पहले बेटी को मरा समझ लिया, उसकी हत्या के बाद शव लेने को बाप नहीं हुआ तैयार, फिर हुआ यह

Fri, 18 Aug 2023 03:54 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

जब युवती के मायके वालों से संपर्क किया तो उन्होंने बेटी का शव लेने, मुकदमा दर्ज कराने और उसके बेसहारा दो बच्चों 9 वर्षीय देवित व 6 वर्षीय अनवित को स्वीकारने तक से इंकार कर दिया। पुलिस के अनुसार पिता ने साफ कह दिया कि जिस बेटी को घर से पांव निकालने पर मरा समझ लिया। अब क्या उसे स्वीकारा जाए।
विज्ञापन
रोरावर थाना अलीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रेम प्रसंग में विवाह करने वाली जिस बेटी आरती को पिता ने दस वर्ष पहले ही मरा समझ लिया, उसकी हत्या के बाद शव लेने को पिता तैयार न था। किसी तरह पुलिस व मोहल्ले वालों ने समझाकर मनाया, तब वह मुकदमा दर्ज कराने, शव साथ ले जाने और बेटी के बेसहारा बच्चों को साथ ले जाने को तैयार हुआ। इधर, पुलिस ने पिता की तहरीर पर हत्या में मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। मगर तमाम प्रयास के बाद भी उसका सुराग नहीं मिल रहा है।

विज्ञापन


मूल रूप से क्वार्सी बेगमबाग का नितिन मित्तल करीब दस वर्ष पहले मोहल्ले की 32 वर्षीय आरती से प्रेम विवाह किया था। तभी से वह दोनों सुरेंद्र नगर में किराये पर रह रहे थे। अब वे रोरावर के सरस्वती विहार में नया मकान किराये पर तलाश रहे थे। इसी क्रम में आरती अपने बच्चों को लेकर वहां अपनी सहेली के घर रुकी थी। बुधवार दोपहर दंपती में मोबाइल को लेकर विवाद हुआ और आरोप है कि नितिन उसकी तमंचे से दो गोलियां मारकर हत्या कर फरार गया। 

खबर पर पहुंची पुलिस ने जब युवती के मायके वालों से संपर्क किया तो उन्होंने बेटी का शव लेने, मुकदमा दर्ज कराने और उसके बेसहारा दो बच्चों 9 वर्षीय देवित व 6 वर्षीय अनवित को स्वीकारने तक से इंकार कर दिया। पुलिस के अनुसार पिता ने साफ कह दिया कि जिस बेटी को घर से पांव निकालने पर मरा समझ लिया। अब क्या उसे स्वीकारा जाए। पुलिस ने उसे समझाया। मोहल्ले ने भी दबाव डाला और खुद आरती की मां का भी बेटी के लिए कलेजा फट गया। 
विज्ञापन


तब जाकर पिता मुकदमा कराने व बेटी का शव लेने को तैयार हुआ। इस पर बृहस्पतिवार दोपहर में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई। फिर किसी तरह रात से पुलिस के पास मौजूद दोनों बच्चे भी आरती के पिता को समझाकर सौंपे गए। चूंकि बच्चों से ही अंतिम संस्कार कराना था। इसलिए वह फिलहाल यह कहकर उन्हें साथ ले गया कि आगे निर्णय लिया जाएगा।

विज्ञापन

इस प्रेम विवाह के बाद हुई थी नितिन के भाई की हत्या

इस प्रेम कहानी का अंत भी हत्या से हुआ है और इसकी शुरुआत भी हत्या से हुई थी। जब नितिन और आरती ने प्रेम विवाह किया था। तब युवती के परिवार का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने बेटी से तो रिश्ता तोड़ ही लिया था। नितिन के परिवार के प्रति भी उनका गुस्सा कम नहीं था। इसी दौरान नितिन के घर के दरवाजे पर दिन में ही हमलावरों ने फायरिंग की। इस दौरान नितिन के चक्की संचालक बड़े भाई दीपक की हत्या हुई। उस हत्या का आरोप आरती के भाई पर लगा। उसका भाई कई वर्ष तक जेल में रहा। कुछ वर्ष पहले आरती के भाई पर मोहल्ले में ही फायरिंग हुई। उसके गोली लगी। उस घटना में नितिन पक्ष पर यह हमला कराने का आरोप लगा। अब खुद आरती की उसके पति ने हत्या कर दी। कुल मिलाकर इस प्रेम कहानी में यह गोली बारी की तीसरी घटना है, जिसमें दो मौत हुई हैं।

बच्चों पर बाद में होगा निर्णय, पहले आरोपी की तलाश: सीओ
इस मामले में सीओ प्रथम अभय पांडेय बताते हैं कि बेटी के मायके वालों ने जैसे तैसे समझाने पर शव लिया और मुकदमा दर्ज कराया। फिलहाल अंतिम संस्कार की बात कहकर भी बच्चे उन्हें दिए गए हैं। अब पुलिस का लक्ष्य आरोपी की तलाश है। हत्या के मूल में दंपती में आपसी कलह व संदेह सबसे बड़ी वजह सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद तस्वीर साफ होगी। उसके बाद बच्चों के भविष्य को लेकर भी निर्णय होगा, क्योंकि आरोपी के एक भाई की पहले हत्या और एक अन्य की बीमारी से मौत हो चुकी है। फिलहाल बच्चे युवती के मायके में ही दिए गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें