पिता गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)
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कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला सरुआ में एक पिता ने अपने युवा बेटे की हत्या कर दी। एक दिन शव घर में छिपाकर रखा और अगले दिन अपने दोस्त की मदद से एक वैन में डालकर नानऊ नहर में फेंक दिया। चौकीदार की ओर से दर्ज कराई गई गुमशुदगी पर जांच करते हुए पुलिस के हाथ आरोपी पिता की गर्दन तक पहुंच गए।
आरोपी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिसे न्यायालय ने जेल भेज दिया है। शव ठिकाने लगाने में सहयोग करने वाले दो अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है। घटना 26 जून की है जबकि इसका खुलासा बुधवार को हुआ।
गांव नगला सरूआ निवासी धर्मवीर सिंह के तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा भूपेंद्र (20) गांव से बाहर रहकर वाहन चलाता था। 26 जून की देर रात वह अपने घर आया था। उस समय शराब के नशे में था। चर्चा है कि पिता ने भूपेंद्र से धान की फसल लगाने के लिए रुपये मांगे। बेटे ने रुपये देने से मना कर दिया। इसी पर पिता-पुत्र के बीच झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान बेटे ने पिता के ऊपर हाथ उठा दिया। इस पर गुस्साए पिता ने बेटे के सिर पर पाइप मार दिया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
जवान बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया लेकिन पिता ने परिवार के अन्य सदस्यों को किसी तरह समझाकर बात घर के अंदर ही छिपा ली। उसने रात में शव को घर में ही छिपा दिया। अगले दिन 27 जून को नवापुर गांव निवासी अपने दोस्त सुशील के पास पहुंचा और एक वैन किराए पर लेकर अपने दोस्त व वैन चालक के साथ बेटे के शव को वैन में रखकर नानऊ नहर में ले जाकर पानी में डाल दिया।
कुछ दिन बाद गांव में भूपेंद्र के लापता होने की चर्चाएं शुरू हुईं तो गांव चौकीदार उम्मेद अली ने एक अगस्त को उसकी गुमशुदगी चंडौस कोतवाली में दर्ज करा दी। इस पर पुलिस जांच में जुटी तो बुधवार को खुलासा कर दिया। गुमशुदगी को हत्या में तरमीम कर पुलिस ने आरोपी पिता धर्मवीर को गिरफ्तार कर लिया।
भूपेंद्र की हत्या उसके ही पिता ने की थी। शव बरामद नहीं हो सका है। आरोपी पिता को न्यायालय ने जेल भेज दिया है। सुशील व एक अन्य की तलाश जारी है-
सीपी सिंह, कोतवाल चंडौस