धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया था कि विद्युत कर्मी चेकिंग के नाम पर आए दिन घरों में घुस जाते हैं। सुविधा शुल्क की मांग करते हैं। गांव डेटा खुर्द के एक क्रेशर पर पहुंचकर जेई ने एक महिला से छेड़खानी की। इसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
पिसावा कोतवाली परिसर में चल रहा किसानों का धरना 36 घंटे बाद समाप्त हो गया है। एक महिला से छेड़खानी के मामले में मुकदमा दर्ज करने और बिजली संबंधी समस्याओं का विभागीय अधिकारियों के जरिये निराकरण कराने के आश्वासन पर किसान नेता माने।
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भाकियू के तहसील अध्यक्ष गभाना वीरकरण सिंह फौजी व मंडल उपाध्यक्ष कुंवर मामा के नेतृत्व में 29 नवंबर की सुबह से धरना शुरू हुआ था। आरोप लगाया था कि विद्युत कर्मी चेकिंग के नाम पर आए दिन घरों में घुस जाते हैं। सुविधा शुल्क की मांग करते हैं। 28 नवंबर को गांव डेटा खुर्द के एक क्रेशर पर पहुंचकर जेई ने एक महिला से छेड़खानी की। इसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
गांव राऊपुर के किसान मनवीर सिंह के घरेलू कनेक्शन को छह किलो वाट का करने के बाद किसान के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराने का आरोप है। 30 नवंबर की शाम भाकियू के मंडल अध्यक्ष ओपी कमांडो भी पहुंचे। उन्होंने थानाध्यक्ष से समस्याओं के निराकरण पर चर्चा की।
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थानाध्यक्ष ने जांच कर महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने तथा अन्य समस्याओं को विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ किसानों की वार्ता करा हल कराने का आश्वासन दिया। धरने मेें रामवीर सिंह, मदनपाल मास्टर, करुआ सिंह, चंद्रवीर सिंह मास्टर, राजवीर सिंह, नेत्रपाल सिंह, चौ. बलजीत सिंह, रिजवान खान, रशीद खान आदि मौजूद रहे।