अलीगढ़ के गन्ना किसानों के सामने साथा चीनी मिल बड़ी समस्या बनी हुई है। सरकार की घोषणा के बावजूद अधिकारी मिल नहीं चला पा रहे हैं। ऐसे में गन्ना लेकर किसानों को ठंड में खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ रही है। उम्मीदों के साथ जनसभा में पहुंचे किसानों के चेहरे तब खिल उठे, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साथा में नई चीनी मिल स्थापित करने की घोषणा की। किसानों ने इस घोषणा का स्वागत किया। उनका कहना था कि हम यही सुनना चाह रहे थे। अगर मुख्यमंत्री हमारी समस्या का निदान नहीं करते तो गन्ना खराब हो जाता। साथा चीनी मिल की जगह कहीं और गन्ना ले जाएं तो भाड़ा मार देगा। रखे रखे गन्ना खराब हो जाएगा। इसके अलावा, अन्य लोगों का कहना था कि सरकार अच्छा काम कर रही है। लेकिन अभी कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। लोगों ने कहा कि महंगाई कम होनी चाहिए, मजदूरों के बिजली बिल माफ हों।
- साथा चीनी मिल बंद है। अभी तक पेराई शुरू नहीं हो पाई है। गन्ना लेकर किसान ठंड में सड़क पर रात गुजार रहे हैं। चीनी मिल के संबंध में घोषणा की उम्मीद लेकर आए थे। मुख्यमंत्री की घोषणा से हमें राहत मिली है। - सत्यप्रकाश पाठक, किसान।
- योगी-मोदी जैसा कोई काम करने वाला नेता नहीं मिला। जब तक हम जीएंगे, भाजपा को वोट देंगे। लेकिन यह बात भी सही है कि गन्ना अगर नहीं खरीदा जाएगा तो किसानों की बेकदरी होगी। - अशोक कुमार, पिलौना गांव, गभाना।
- जितनी भीड़ दिख रही है, उसी अनुपात में वोट भी आएगा। अगर साथा चीनी मिल पर ध्यान नहीं दिया गया तो जनपद का 30 प्रतिशत किसान परेशान रहेगा। कहीं गन्ना बेच भी नहीं सकते हैं। - हरिमोहन शर्मा, ट्रक गेट, कासिमपुर।
- गांव में बस लगाई गई थी, जिससे हम लोग आए हैं। महंगाई बहुत बढ़ गई है। लोग बच्चों को नहीं पढ़ा पा रहे हैं। मजदूरी करके अपने बच्चों को डिप्लोमा कराया। लेकिन आज तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है। -वीरवती, नगौला नगला।
- मजदूरी करने वाले परिवार परेशान हैं। हम मजदूरों का बिजली बिल माफ होना चाहिए। गरीब आदमी हैं, जो कमाते हैं वही खर्च करते हैं। उसके ऊपर 800 से 1000 रुपये का बिल घर का बजट बिगाड़ देता है। सुनीता, नगौला।
- भाजपा सरकार ने बिना भेदभाव के विकास कराया है। गरीबों को देखते हुए सरकार को महंगाई पर लगाम लगानी चाहिए। नई चीनी मिल की घोषणा से सैकड़ों किसानों को इसका लाभ मिलेगा। -ऋषिकांत शर्मा, रामपुर, तहसील कोल।
- अशोक कुमार, पिलौना गांव, गभाना। - फोटो : CITY OFFICE