संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर सोमवार को किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के बीते साल नौ दिसंबर को किए गए वायदे से मुकर जाने के विरोध में रोष दिवस मनाया और राजा महेंद्र प्रताप सिंह पार्क में धरना दिया। प्रदर्शन के एलान को लेकर जिले में सक्रिय भाकियू, किसान सभा, क्रांतिकारी किसान यूनियन, बीएमकेयू के नेता एवं कार्यकर्ता पार्क में एकत्रित हुए।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने एमएसपी की कानूनी गारंटी का वायदा किया था। फसल आने वाली है, लेकिन सरकार ने एमएसपी पर कोई सुनवाई नहीं की। उल्टे हरियाणा समेत तमाम सरकारें मंडी व्यवस्था को बर्बाद करने का आदेश जारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं दी तो 11 से 17 अप्रैल तक पूरे देशभर में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के लखीमपुर कांड में हत्या के दोषियों को जमानत दिलाने, षड्यंत्रकारी अजय मिश्र टेनी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में बने रहने को गैर संवैधानिक और राजनैतिक मर्यादा के खिलाफ बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों पर दर्ज मुकदमों को अब तक वापस नहीं लिया है। धरने को संयुक्त किसान मोर्चा की राज्य कमेटी के पदाधिकारी शशिकांत, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा, पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री मुकंदीलाल शर्मा, क्रांतिकारी किसान यूनियन के मंडल प्रभारी सुरेश चंद्र गांधी, जिलाध्यक्ष ओपी सिंह कमांडो, जिला महासचिव गौरव तेवतिया, किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष सूरजपाल उपाध्याय, इरफान अंसारी, बीएमकेयू के प्रो. अशोक प्रकाश, भाकियू अंबावता के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह, निर्माण श्रमिक संगठन के रमेशचंद्र विद्रोही, चौधरी नवाब सिंह, गजेंद्र सिंह, इदरीश मोहम्मद, सुभाष शर्मा, योगेश शर्मा, धर्मपाल सिंह, राजकुमार शर्मा, संजय चौधरी, मुकेश कुमार, महेंद्र शर्मा, सत्येंद्रपाल सिंह, शिवचरन सिंह, गिरीश कुमार, रवि कुमार, राजेश कुमार, मुकेश कुमार सूर्यवंशी, सत्यवीर सिंह, विनय माथुर आदि मौजूद रहे। इस मौके पर किसान नेताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी एएसडीओ कोल को सौंपा।