केंद्र सरकार की वादाखिलाफी से नाराज किसान संगठनों ने भाजपा को सजा देने के लिए अभियान छेड़ दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर किसान संगठनों ने भाजपा के खिलाफ गांव-गांव एवं घर-घर प्रचार अभियान छेड़ रखा है। किसानों का विशेष फोकस भाजपा का गढ़ माने जाने वाले अतरौली एवं बरौली विधानसभा क्षेत्र पर है। यहां पर्चे बांटकर, व्हाट्स एप संदेशों तथा बैठकों के जरिये ग्रामीणों से भाजपा को हराने की अपील की जा रही है। शुक्रवार को मोर्चा के पदाधिकारियों ने इगलास विस क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर भाजपा विरोधी पर्चे बांटे।
विधानसभा चुनाव 2022 की आचार संहिता लागू होने के बाद से कृषि कानूनों समेत अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलित किसान संगठनों की गतिविधियां थम सी गई थीं। लेकिन एक फरवरी को पेश किए बजट में प्रावधानों से संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व नाराज है।
मोर्चा के आह्वान पर स्थानीय किसान संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को अतरौली विधानसभा क्षेत्र के गांव नगला हंसिया में हुई पंचायत में भाजपा को चोट देने का संदेश दिया गया था। शुक्रवार को मोर्चा के पदाधिकारियों ने इगलास विधानसभा क्षेत्र के गांव नगला ढे़चरा, बाजगढी़, नगला भोपाल, मोहनपुर, नगलिया हरिया, बिसावली, विशनपुर आदि में घर-घर राष्ट्रीय स्तर से जारी अपील की प्रतियां वितरित कीं। दर्जन भर से अधिक चौपालें की गईं। चौपाल के दौरान किसानों ने कोरोना महामारी में अनाथ हो चुके परिवारों की मदद न करने, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, आंदोलन के दौरान शहीद 750 किसानों के मामले में कार्रवाई न होने पर भाजपा को सजा देने की अपील की। इस मौके पर भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा, क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रदेश संयोजक व संयुक्त किसान मोर्चा के नेता शशिकांत, किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष सूरजपाल उपाध्याय, सुरेशचंद्र गांधी एवं गजेंद्र सिंह के साथ बड़ी संख्या में मोर्चा के कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।