40 लाख से अधिक की आबादी वाले जिले में मच्छर मारने वाली कॉइल, तेल, क्रीम, दवा आदि का सालाना कारोबार करीब 25 करोड़ का है। अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह टिल्लू ने बताया कि अलीगढ़ हमेशा से ही ताले-नाले और मच्छरों के लिए मशहूर है। यहां मच्छर मारने की दवा का सालाना कारोबार लगभग 25 करोड़ के आसपास का है। एक आम आदमी महीने में करीब 100 से 200 रुपये घरों में मच्छर मारने के लिए खर्च कर देता है।
शहर के संवेदनशील इलाके
मथुरा रोड, तुर्कमान गेट, नगला मसानी, इंदिरा नगर, खैर रोड, शाहजमाल, जमालपुर, जलालपुर, जीवनगढ़, कुंवर नगर, महेंद्र नगर, डोरी नगर, पला साहिबाबाद, आगरा रोड, क्वार्सी बाईपास, देवी नगला, कयामपुर, नौरंगाबाद आदि।
डेंगू के मिल चुके 65 मरीज
अलीगढ़ जिले में शुक्रवार को डेंगू का एक और मरीज मिला है। इसके साथ ही जिले में डेंगू के 65 और मलेरिया के 24 मरीज दो महीने में मिल चुके हैं। पिछले दो दिनों में ही शहर और देहात क्षेत्र में छह मरीज मिल चुके हैं। जबकि बुखार के मरीजों की संख्या भी रोज बढ़ रही है। सरकारी अस्पतालों में ही हर रोज 500 लोग बुखार की दवाई लेने के लिए पहुंच रहे हैं। मगर प्रशासन की नींद फिर भी नहीं टूट रही। डीएमओ डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अब तक जिले में डेंगू के 65 मरीज मिल चुके हैं। मरीज मिलने पर आसपास के इलाके की साफ-सफाई कराई जाती है। कीटनाशक का छिड़काव भी कराया जाता है।