जिला औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में आयोजित उर्दू टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के एमएलसी ग्रेजुएट आगरा मंडल डा. असीम यादव, सपा के प्रदेश सचिव तथा एसोसिएशन के संरक्षक मुजाहिद किदवई तथा कार्यक्रम अध्यक्ष शहर मुफ्ती मौलाना खालिद हमीद ने उवैस जमाल शम्सी को एसोसिएशन की ओर से उनकी 40 वर्षीय साहित्यिक सेवाओं के उपलक्ष्य में उन्हें सिपास नामा, प्रतीक चिन्ह तथा शाल उढ़ाकर सम्मानित किया।
मुफ्ती खालिद हमीद ने कहा कि उन्हें गर्व है कि शम्सी रिश्ते में उनके छोटे भाई हैं तथा उर्दू भाषा तथा साहित्य के क्षेत्र में उनकी सेवाऐं सराहनीय हैं। डा. असीम यादव ने कहा कि जब तक उर्दू भाषा एवं साहित्य को शम्सी जैसी विभूतियॉ प्राप्त हैं इस भाषा पर किसी प्रकार की आंच नहीं आ सकती। मुजाहिद किदवई ने कहा कि अलीगढ़ सदैव से ही उर्दू भाषा के विकास के क्षेत्र में अविस्मरणीय सेवायें प्रदान करता रहा है।
आभार व्यक्त करते हुए उवैस जमाल शम्सी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि अलीगढ़ जैसी शिक्षा की नगरी में वह उत्पन्न हुए तथा उनका संबंध मुफ्ती साहब के परिवार से है। शम्सी को इससे पूर्व आफताब-ए-अदब, सफीर-ए-इलमों अदब के खिताबों सहित तीन दर्जन से अधिक एवार्ड्स तथा सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनके तीन काव्य संग्रह तथा पॉच अन्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वह भारत के सर्वप्रथम दूरवर्ती शिक्षा संस्थान जामियॉ उर्दू अलीगढ़ के तराने के रचेयता भी हैं। इसके अतिरिक्त उनकी चार पुस्तकें विभिन्न पाठ्यक्त्रस्मों में शामिल हैं। वह अलीगढ़ की प्रसिद्व साहित्यक संस्था दयार-ए-अदब इण्डिया के संस्थापक सचिव भी हैं।