चुनावी काल में शासन ग्रामीण क्षेत्र के गरीब, मजलूम व आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर मेहरबान हुआ है। इन परिवारों को भुखमरी से बचाने के लिए एक हजार, बीमारी के इलाज के लिए दो हजार तो भुखमरी से परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाने पर अंत्येष्टि के लिए पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता राज्य वित्त आयोग के मद से प्रदान की जाएगी। इसके लिए 130.20 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रदान किए गए हैं।
शासन के उप सचिव अवधेश कुमार खरे ने जिलाधिकारी को पत्र जारी कर कहा कि शासन ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, मजलूम व आर्थिक रूप से विपन्न परिवारों के प्रति संवेदनशील है। गरीबी की स्थिति में भुखमरी से बचाने के लिए ग्राम पंचायतें राज्य वित्त आयोग से एक हजार रुपया प्रदान करेगी। यदि किसी विपन्न परिवार में कोई भी सदस्य बीमार है और उसका इलाज संभव नहीं हो पा रहा है और वह आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड धारक नहीं है तो उसे एक बार में दो हजार रुपया ग्राम पंचायत द्वारा दिया जाएगा। भुखमरी से परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाती है तो अंत्येष्टि के लिए पांच हजार रुपया दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2019-20 में जहां राज्य वित्त आयोग ने 2800 करोड़ रुपया दिया था, वहीं वितीय वर्ष 2020-21 में बढ़ाकर 4340 करोड़ कर दिया गया है। इसमें से तीन प्रतिशत धनराशि यानि 130.20 करोड़ उपरोक्त तीनों कामों में प्रयुक्त होगी।
विपन्न परिवारों की सूचनाएं होंगी एकत्र
अलीगढ़। जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि ग्रामीण इलाकों के विपन्न परिवारों को भुखमरी, इलाज व अंत्येष्टि के लिए धनराशि देने की सुविधा दिलाने के लिए प्रधान व सचिव ग्राम पंचायतों में सर्वे कराएंगे। इसके बाद इन परिवारों की सूची तैयार की जाएगी। जिन परिवारों के आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्ड नहीं हैं तो उन्हें यह कार्ड भी प्राथमिकता से दिलाए जाएंगे।