ई-व्हीकल पर यह छूट समाप्त होने के बाद अब इन वाहनों के दाम में वृद्धि होने की संभावना है। बावजूद इसके, ईंधन के बढ़ते दामों और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण ई-व्हीकल की मांग आने वाले समय में भी बनी रहने की उम्मीद है।
ई-व्हीकल (ईवी) के आरटीओ पंजीयन में मिल रही छूट अब खत्म हो गई। छूट के अंतिम दिन 13 अक्तूबर को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसके चलते शहर में 200 ई-व्हीकल बिके। छूट खत्म होने के बाद ई व्हीकल पर उसकी कीमत का 12.5 फीसदी रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा।
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शहर में ई-व्हीकल के सात शोरूम हैं। शोरूम संचालक दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल ई-व्हीकल की मांग काफी बढ़ी है। बाजार में अब पोर्टेबल बैटरी और कम समय में फुल चार्ज होने वाली बैटरियां आ गई हैं, जो ग्राहकों को बहुत पसंद आ रही हैं, क्योंकि ये सुविधाजनक हैं। ई-व्हीकल खरीदने वाले ग्राहक सुधीर चौधरी ने बताया कि शहर के अंदर के ट्रैफिक जाम को देखते हुए ई-व्हीकल एक बेहतरीन विकल्प है। उन्होंने बताया कि जब वाहन रुका रहता है, तो बैटरी खर्च नहीं होती है।
ई-व्हीकल पर यह छूट समाप्त होने के बाद अब इन वाहनों के दाम में वृद्धि होने की संभावना है। बावजूद इसके, ईंधन के बढ़ते दामों और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण ई-व्हीकल की मांग आने वाले समय में भी बनी रहने की उम्मीद है।
13 अक्तूबर तक जितने भी ई व्हीकल के फार्म विभाग के पास आ जाएंगे उनको छूट का लाभ मिल जाएगा। 14 अक्तूबर से बिकने वाले सभी ई वाहनों पर पंजीयन शुल्क लगेगा। छूट के कारण इस बार ई व्हीकल की अच्छी मांग रही। - प्रवेश कुमार, एआरटीओ