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अलीगढ़ः हर ग्राम पंचायत सचिव की दो-दो ग्राम पंचायतों की होगी जांच

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आशीष श्रीवास्तव
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प्रधानी का कार्यकाल खत्म होने के बाद नियुक्त प्रशासकों द्वारा भुगतान के नाम पर ग्राम निधि के करोड़ों रुपये उड़ाने के मामले में जांच तेज हो गई है। अनियमित भुगतान की तह तक पहुंचने के लिए ग्राम पंचायत के सचिवों के अंतर्गत रही दो-दो ग्राम पंचायतों का ब्यौरा जांच अधिकारियों ने तलब कर लिया है। इस ब्यौरे का अध्ययन करने के बाद प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया जाएगा।
निवर्तमान प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 को खत्म हुआ था। 26 दिसंबर से ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति हो गई। इनका कार्यकाल 31 मई तक चला। इस दौरान छह माह में ग्राम निधि की करीब 26 करोड़ की धनराशि के भुगतान किए गए। सबसे ज्यादा भुगतान वाली इगलास की तीन व टप्पल की एक पंचायत की जांच चल रही है। जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में प्रशासक अवधि में हुए भुगतान की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी सचिवों के अंतर्गत आने वाली दो-दो ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्य, मद एवं उसमें हुए खर्च का ब्यौरा तलब कर लिया है।
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इगलास की नौ और ग्राम पंचायत जांच के दायरे में
अलीगढ़। डीपीआरओ ने बताया कि इगलास की नौ और ग्राम पंचायतें जांच के दायरे में हैं। इनमें गांधी ग्राम, बिहोरा, भरतपुर, बेलौठ, हस्तपुर, चंद्रफरी, ताहरपुर, नौगांव व बढ़ाकलां शामिल हैं। इन सभी में 15 से 20 लाख रुपये तक के भुगतान किए गए हैं। बताते चलें कि जिले के 11 ब्लाकों में दो करोड़ से कम के भुगतान हुए हैं तो अकेले इगलास की तीन एवं टप्पल की एक ग्राम पंचायत में चार करोड़ से अधिक का भुगतान हुआ है।
खैर में सबसे कम 2.47 लाख का भुगतान
अलीगढ़। प्रशासक कार्यकाल के दौरान सबसे ज्यादा भुगतान करने वाली ग्राम पंचायतों की जांच चल रही है। वही दूसरी ओर खैर ग्राम पंचायत सबसे कम भुगतान वाली पंचायत साबित हुई है। यहां विकास कार्यों के एवज में मात्र 2.47 लाख रुपये का भुगतान हुआ है।
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ज्यादा भुगतान के मामले में इगलास की नौ और पंचायतें जांच के दायरे में हैं। इनमें भी प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान लाखों का भुगतान हुआ है। इनके अलावा जांच को आगे बढ़ाते हुए हर ब्लाक में ग्राम पंचायतों में नियुक्त ग्राम सचिवों के अंतर्गत आने वाली दो-दोे ग्राम पंचायतों का रिकार्ड देखा जा रहा है। विकास कार्यों का सत्यापन भी कराने की तैयारी है। यदि अनियमितता मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।
- धनंजय जायसवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी
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