सिविल लाइंस पुलिस रिकार्ड के अनुसार राशिद जख्मी पर कुल आठ मुकदमे सिविल लाइंस में दर्ज हैं। सबसे पहले तीन मुकदमे वर्ष 2016 में प्रॉक्टर कार्यालय पर हुए उपद्रव व कैंपस में आगजनी आदि से जुड़े हैं। उन तीन मुकदमों के बाद 2019 में सीएए-एनआरसी विरोधी उपद्रव के मुकदमे में भी उसका नाम शामिल है। फिर लगातार तीन मुकदमे 2023 में सेंट्रल कैंटीन पर छात्र गुट पर फायरिंग, मेडिकल कैंटीन संचालक पर रंगदारी मांगने पर फायरिंग व तीसरा मेडिकल छात्रा को लाइब्रेरी के बाहर गोली लगने की घटना के हैं।
रात आठवां मुकदमा पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तारी का हुआ है। उसके विषय में अभी पूर्व में छात्र रहने या न रहने के विषय में जानकारी नहीं हो पाई है। मगर इतना जरूर है कि वह एएमयू छात्र नेताओं के साथ ही कैंपस में सक्रिय रहता है। कैंपस के ही हॉस्टलों में रहता है। इन घटनाओं में नाम आने के बाद भी कैंपस में ही था। इनाम घोषित होने के चलते पुलिस उसे तलाश रही थी। इसी बीच रात गिरफ्तारी की गई है।
एएमयू में फायरिंग की तीन घटनाओं में वांछित बिहार निवासी राशिद जख्मी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है। पैर में गोली लगने से जख्मी हुआ है। उस पर सेंट्रल कैंटीन पर फायरिंग के मुकदमे में इनाम था। बाकी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।-अमृत जैन, सीओ तृतीय/एएसपी।