सभी दलों के स्तर से बूथों की समीक्षा में क्षेत्र व जातिवार भी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि मुस्लिम बूथों पर कितना मतदान हुआ है और हिंदू आबादी वाले बूथों पर कितना मतदान हुआ है। फिर उसमें यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि हिंदू आबादी में जातिवार मत बंटवारे का क्या अनुमान है। इसी अनुसार समीक्षा में हार जीत का अनुमान लगाने में आसानी भी रहेगी। यह भी सवाल उठ रहे हैं कि अगर हिंदू आबादी वाले बूथों पर जातिवार वोटों का बंटवारा हुआ है तो क्यों..? क्या कारण रहे कि वोट भाजपा से छिटका...? किन वजहों से अन्य दलों को यह वोट मिला...?
अब हाथरस के लिए सौंपा गया नेताओं को जिम्मा
जिले के सभी दलों के नेताओं को अलीगढ़ का मतदान होने के बाद हाथरस में जिम्मेदारी सौंपी गई है। नेताओं को जातिवार क्षेत्रों में लगाया जा रहा है। भाजपा, सपा व बसपा के नेताओं को हाथरस संसदीय सीट की जिले की इगलास व छर्रा विधानसभा पर काम करने के साथ साथ हाथरस की तीनों विधानसभाओं पर काम करने के लिए लगाया जा रहा है। रविवार से ये सभी नेता इन क्षेत्रों में पहुंचकर अपने अपने स्तर से काम शुरू कर देंगे।
जिलाध्यक्षों के दावे
जनता ने भाजपा को पिछली बार की तरह ही वोट दिया है। हम हर कीमत पर दो से ढाई लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर रहे हैं। बूथवार समीक्षा का काम जारी है। मतदान प्रतिशत कम होने से कुछ मत हमारा घट सकता है। बाकी कहीं कोई कमजोरी नहीं है।-कृष्णपाल सिंह लाला, जिलाध्यक्ष भाजपा
जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है। जिले में बदलाव तय हो गया है। बसपा को सर्व समाज का वोट मिला है, कहीं कम तो कहीं ज्यादा। मगर बसपा को काफी अच्छा वोट मिला है। अब परिणाम क्या होंगे, ये ईवीएम में कैद हो गया है।-मुकेश चंद्रा, जिलाध्यक्ष बसपा।
बूथवार समीक्षा में हमारी स्थिति अच्छी है और जीत तय है। जीत भी उसी तरह होगी, जिस तरह से सूर्योदय होता है। बाकी हार जीत का सही आंकड़ा तो मतगणना के बाद ही उजागर होगा। जनता ने हर क्षेत्र में सपा को मतदान किया है।-लक्ष्मी धनगर जिलाध्यक्ष सपा।