फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ चुनाव समीक्षा: भाजपा में सबसे अधिक मंथन, आखिर किस करवट बैठेगा परिणाम

Sun, 28 Apr 2024 04:48 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पिछले चुनाव में भाजपा सवा दो लाख से अधिक अंतर से जीती थी। इस बड़े अंतर को लेकर भाजपा इस चुनाव में भी आश्वस्त थी। मगर एक तरफ प्रत्याशी के प्रति नाराजगी और मतदान प्रतिशत भी गिर गया। इसके बाद से सभी की चिंता बढ़ गई है। भाजपा इस मतदान को लेकर अधिक चिंतित है। भाजपा में बूथवार समीक्षा का दौर जारी है।
विज्ञापन
सपा, भाजपा, बसपा (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मतदान तो हो गया। मगर अब परिणाम का बेसब्री से इंतजार है। उससे पहले समीक्षा का दौर जारी है। भाजपा सहित सभी दलों में बूथवार मंथन किया जा रहा है। पिछले चुनाव में लंबे अंतर से जीत दर्ज करने वाली भाजपा में सबसे अधिक मंथन है। उसकी वजह है मतदान का प्रतिशत गिरना। एक एक बूथ पर अनुमान लगाया जा रहा है कि कितना वोट किसे मिला होगा।

विज्ञापन


ये साफ है कि इस सीट पर पिछले दो बार से भाजपा का कब्जा है। पिछले चुनाव में भाजपा सवा दो लाख से अधिक अंतर से जीती थी। इस बड़े अंतर को लेकर भाजपा इस चुनाव में भी आश्वस्त थी। मगर एक तरफ प्रत्याशी के प्रति नाराजगी और मतदान प्रतिशत भी गिर गया। इसके बाद से सभी की चिंता बढ़ गई है। भाजपा इस मतदान को लेकर अधिक चिंतित है। भाजपा में बूथवार समीक्षा का दौर जारी है। प्रदेश स्तर तक आंकड़े भेजे गए हैं। इसी तरह सपा व बसपा में बूथवार समीक्षा की जा रही है। इसी के अनुसार सभी अपने अपने पक्ष में मतदान को लेकर तस्वीर साफ कर रहे हैं।

भाजपा में नेताओं के बूथों पर भी समीक्षा
भाजपा में प्रदेश स्तर से सीधे नेताओं तक के बूथों की समीक्षा की जा रही है। जिसमें यह देखा जा रहा है कि किस नेता के बूथ पर क्या तस्वीर रही। मतदान प्रतिशत गिरा या बढ़ा। यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि नेताओं के बूथ पर भाजपा को कितना वोट मिला होगा और अन्य को कितना। मेरा बूथ सबसे मजबूत नारा साकार हुआ या नहीं? इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। परिणाम के बाद बूथवार तस्वीर साफ होने पर पार्टी स्तर से कुछ निर्णय भी लिए जा सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

जातिवार मतदान के जुटाए जा रहे आंकड़े

सभी दलों के स्तर से बूथों की समीक्षा में क्षेत्र व जातिवार भी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि मुस्लिम बूथों पर कितना मतदान हुआ है और हिंदू आबादी वाले बूथों पर कितना मतदान हुआ है। फिर उसमें यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि हिंदू आबादी में जातिवार मत बंटवारे का क्या अनुमान है। इसी अनुसार समीक्षा में हार जीत का अनुमान लगाने में आसानी भी रहेगी। यह भी सवाल उठ रहे हैं कि अगर हिंदू आबादी वाले बूथों पर जातिवार वोटों का बंटवारा हुआ है तो क्यों..? क्या कारण रहे कि वोट भाजपा से छिटका...? किन वजहों से अन्य दलों को यह वोट मिला...?

अब हाथरस के लिए सौंपा गया नेताओं को जिम्मा
जिले के सभी दलों के नेताओं को अलीगढ़ का मतदान होने के बाद हाथरस में जिम्मेदारी सौंपी गई है। नेताओं को जातिवार क्षेत्रों में लगाया जा रहा है। भाजपा, सपा व बसपा के नेताओं को हाथरस संसदीय सीट की जिले की इगलास व छर्रा विधानसभा पर काम करने के साथ साथ हाथरस की तीनों विधानसभाओं पर काम करने के लिए लगाया जा रहा है। रविवार से ये सभी नेता इन क्षेत्रों में पहुंचकर अपने अपने स्तर से काम शुरू कर देंगे।

जिलाध्यक्षों के दावे
जनता ने भाजपा को पिछली बार की तरह ही वोट दिया है। हम हर कीमत पर दो से ढाई लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर रहे हैं। बूथवार समीक्षा का काम जारी है। मतदान प्रतिशत कम होने से कुछ मत हमारा घट सकता है। बाकी कहीं कोई कमजोरी नहीं है।-कृष्णपाल सिंह लाला, जिलाध्यक्ष भाजपा
जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है। जिले में बदलाव तय हो गया है। बसपा को सर्व समाज का वोट मिला है, कहीं कम तो कहीं ज्यादा। मगर बसपा को काफी अच्छा वोट मिला है। अब परिणाम क्या होंगे, ये ईवीएम में कैद हो गया है।-मुकेश चंद्रा, जिलाध्यक्ष बसपा।
बूथवार समीक्षा में हमारी स्थिति अच्छी है और जीत तय है। जीत भी उसी तरह होगी, जिस तरह से सूर्योदय होता है। बाकी हार जीत का सही आंकड़ा तो मतगणना के बाद ही उजागर होगा। जनता ने हर क्षेत्र में सपा को मतदान किया है।-लक्ष्मी धनगर जिलाध्यक्ष सपा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें