विकास खंड इगलास की ग्राम पंचायत महुआ में प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक ने मिलकर सवा तीन लाख रुपये का गबन किया है। लोकपाल की जांच में खुलासा हुआ है। ऐसे में उन्होंने तीनों से रिकवरी और मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी किया है। वहीं कार्य में शिथिलता बरतने और शासनादेश का उल्लंघन पर बीडीओ और एपीओ पर 1000-1000 रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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विकास खंड इगलास के ग्राम पंचायत महुआ के अंशुल शर्मा, जयवीर, रोहित सिंह ने पंचायत में मनरेगा कार्य में गबन की शिकायत की। जांच लोकपाल विकास वार्ष्णेय ने शिकायतकर्ता, प्रधान, सचिव और ग्रामीणों के साथ पौधरोपण स्थानों और तालाब की सफाई को जांचा, जिसमें उन्हें खामियां मिलीं। दो साल में ग्राम पंचायत में ढाई हजार पौध रोपित किए गए।
पौधरोपण के लिए पौधा वन विभाग उपलब्ध कराता है मगर ग्राम पंचायत ने निजी एजेंसी से 80 रुपये प्रति पौध के हिसाब से खरीद कर लगवाए। कुल करीब 2.34 लाख रुपये खर्च हुए। एक भी पेड़ मौके पर नहीं मिले। तालाब की खुदाई और सफाई पर करीब 93 हजार रुपये खर्च हुए। जांच में तालाब में जलकुंभी भरी मिली। ऐसे में उन्होंने प्रधान प्रेमपाल सिंह, सचिव व तकनीकी सहायक से रिकवरी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
ग्राम पंचायत महुआ में प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक ने नियमों को दरकिनार कर मनरेगा में सवा तीन लाख रुपये का गबन किया है। जांच में इसकी पुष्टि हुई है। इस कारण वसूली की जाएगी। मुकदमा भी दर्ज होगा। बीडीओ और एपीओ पर भी जुर्माना लगाया गया है। -विकास वार्ष्णेय , लोकपाल