मतदान को 13 दिन बीत गए। मतगणना में अभी 15 दिन शेष हैं। मगर प्रत्याशियों की हार जीत को लेकर हर स्तर पर अपने दावे और अपना एक सवाल है। सबका अपना-अपना गणित है। चाय की दुकान से लेकर हर होटल, ढाबे पर इसी तरह की चर्चाएं सुनने और देखने को मिल जाती हैं। बुधवार दोपहर दुबे पड़ाव सब्जी बाजार की बबलू टी स्टाल का भी कुछ यही नजारा था। यहां भी चाय की चुस्कियों के बीच लोग अपने-अपने दावे से शहर से लेकर जिले की हर सीट पर अलग-अलग प्रत्याशियों को जिताते दिख रहे थे।
पिछले काफी समय से चाय की दुकान चला रहे बबलू को हालांकि इस सबसे कुछ लेना देना नहीं था। वे ऑर्डर आने पर चाय पेश कर देते और उनकी बातें सुन मंद-मंद मुस्कुराते दिखते। जब उनसे सवाल पूछा तो एक ही जवाब मिला कि हमें तो चाय ही बनाकर पिलानी है, सरकार किसी की भी बने। इस दौरान चाय की दुकान पर मौजूद दिनेश का शहर सीट को लेकर सपा की जीत का अपना गणित था। उनका दावा था कि जिस तरह वोट कास्ट हुआ है, उसके अनुसार सपा ही इस सीट पर जीतेगी। गणित के अनुसार वे मुस्लिम वोट एकमुश्त सपा के साथ जाने का दावा तो कर रही रहे थे। साथ में हिंदू वोटों में भी ठीक-ठाक सेंधमारी की बात कह रहे थे।
वहीं इसी दुकान पर मौजूद ललित वार्ष्णेय ने भाजपा की जीत बताई। उनका कहना था कि जिस तरह लोकसभा चुनाव में मुस्लिम महिलाओं ने भी भाजपा को वोट दिया था। उसी तरह इस बार भी मुस्लिम महिलाओं का वोट भी भाजपा को मिला है। साथ में वे हिंदू वोट पड़ने की संख्या अधिक होने के अनुसार भाजपा की जीत पक्की बता रहे थे। यहां मौजूद नवीन ने कोल पर कांग्रेस की जीत पक्की बताई है। उनका दावा है कि जिले में कोल सीट पर कांग्रेस के इकलौते ऐसे प्रत्याशी हैं, जिन्हें हर जाति धर्म का वोट मिला है और उन्हें हर इलाके में वोट मिला है। हिंदू-मुस्लिम वोटों के जोड़ से वे कांग्रेस को जिता रहे हैं। इसके अलावा यहां मौजूद संदेश राज, भारत, गौरव भाजपा के पक्ष की बात करते दिखे, जबकि सुनील ने बसपा की जीत का दावा कुछ इलाकों में किया है।