सड़क हादसे में घायल गांव सिखरना निवासी रोशनलाल (75) को सौ शैया युक्त संयुक्त अस्पताल से रेफर होने के बाद एंबुलेंस नहीं मिलने पर उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि रेफर होने के बाद अतरौली से अलीगढ़ ले जाने के लिए 45 मिनट तक एम्बुलेंस नहीं मिली, जबकि 102 नंबर की एंबुलेंस अस्पताल में मौजूद थी। चिकित्सकों व परिजनों ने एंबुलेंस चालक से काफी विनती की, लेकिन वह एंबुलेंस ले जाने को तैयार नहीं हुआ।
जवां थाना क्षेत्र के गांव सिखरना निवासी रोशनलाल पुत्र ज्वाली सिंह बुधवार शाम को साइकिल द्वारा गांव से मेंमड़ी में सामान लेने जा रहे थे। मेंमड़ी के पास गोधा-अतरौली मार्ग पर किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें अतरौली के सौ शैया युक्त संयुक्त चिकित्सालय ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मृतक के बेटे पुरुषोत्तम ने बताया कि 108 एम्बुलेंस के लिए कॉल की, मगर 45 मिनट तक एम्बुलेंस नहीं आई। इस बीच बुजुर्ग की हालत बिगड़ती गई। अस्पताल परिसर में ही खड़ी 102 नंबर के एंबुलेंस चालक से चलने को कहा तो उसने बिना कॉल आए जाने से इंकार कर दिया। इससे उन्होंने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना है कि अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो शायद जान बच जाती।
- रेफर करते ही एंबुलेंस के लिए कॉल कर दी गई थी। देरी के कारणों की जांच की जाएगी। शासन की मंशा है कि पीड़ित को समय पर इलाज मिले। - डॉ. दुर्गेश कुमार, सीएमएस