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अलीगढ़: 61 दिन में कैंसर पीड़ित दूसरे मरीज ने दी जान, प्रॉपर्टी डीलर ने गोली मारकर की आत्महत्या

Thu, 10 Sep 2026 05:50 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

राजकुमार की दो बेटियां प्रीति और नीतू हैं। रक्षाबंधन पर दोनों मायके आई थीं। उस समय राजकुमार ने बीमारी से होने वाली परेशानी बताते हुए उनसे कहा था कि आखिरी बार देख रही हो। उन्होंने आगे कहा था कि अगली बार आने पर वह नहीं मिलेंगे।
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मृतक राजकुमार गुप्ता - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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बीमारी का दर्द और करीब एक साल पहले बेटे को खोने का सदमा 70 वर्षीय राजकुमार गुप्ता पर भारी पड़ गया। सासनी गेट थाना क्षेत्र के सराय वृंदावन में बृहस्पतिवार दोपहर उन्होंने आत्महत्या कर ली। राजकुमार पिछले ढाई साल से मुंह के कैंसर से पीड़ित थे। करीब एक साल पहले उनके मंझले बेटे पंकज की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद से वह गहरे अवसाद में चल रहे थे। 1 जुलाई को कावेरी एन्क्लेव सोसाइटी में 64 वर्षीय विनीत नागपाल ने आत्महत्या कर ली थी। वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। 61 दिन में कैंसर से पीड़ित व्यक्ति की आत्महत्या का यह दूसरा मामला है।

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सराय वृंदावन में दो मंजिला मकान में राजकुमार गुप्ता पत्नी आशा देवी के साथ रहते थे। बृहस्पतिवार दोपहर घर में इन्वर्टर ठीक करने के लिए मैकेनिक आया था। राजकुमार ने पत्नी को मैकेनिक के साथ भेज दिया। कुछ देर बाद घर में गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आशा देवी बेडरूम में पहुंचीं तो पति गंभीर हालत में पड़े मिले। परिजनों और पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस पहुंची और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बेटे की मौत के बाद टूट गए थे
राजकुमार के तीन बेटे थे। बड़े बेटे जितेंद्र आगरा में निजी बैंक में प्रबंधक हैं। मंझले बेटे पंकज का करीब एक वर्ष पहले लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया था। छोटे बेटे विक्की हार्डवेयर फैक्टरी में नौकरी करते हैं। परिजनों के मुताबिक बेटे की मौत के बाद से राजकुमार काफी तनाव में रहने लगे थे। वह खुद भी ढाई साल से कैंसर से जूझ रहे थे।

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बेटियों से कहा था- आखिरी बार देख रही हो
राजकुमार की दो बेटियां प्रीति और नीतू हैं। रक्षाबंधन पर दोनों मायके आई थीं। उस समय राजकुमार ने बीमारी से होने वाली परेशानी बताते हुए उनसे कहा था कि आखिरी बार देख रही हो। उन्होंने आगे कहा था कि अगली बार आने पर वह नहीं मिलेंगे। बेटियों ने इसे बीमारी और उम्र के कारण कही गई बात समझा था। उन्हें अंदाजा नहीं था कि पिता आत्महत्या जैसा कदम उठा सकते हैं।

बीमारी और बेटे की मौत से थे तनाव में
सीओ प्रथम संजीव कुमार ने बताया कि परिजनों के अनुसार राजकुमार लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। बेटे की मौत के बाद से भी वह मानसिक तनाव में थे। मामले में पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी।
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