फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथ से फिसल न जाए... दस करोड़ का प्रोजेक्ट

विज्ञापन
इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्लांट में काम करता मजदूर। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
आशीष निगम
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में कारोबारी सुगमता के पैमाने पर अलीगढ़ आगरा और सहारनपुर से आगे है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जारी कारोबारी सुगमता की रेटिंग में अलीगढ़ मंडल के दो जिले शामिल हुए हैं। जिसमें अलीगढ़ और एटा शामिल हैं, लेकिन जमीन हकीकत कुछ और है। प्रदेश सरकार ने नवंबर 2018 में ओडीओपी योजना के लिए अलीगढ़ को फ्री का दस करोड़ का इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्लांट तो दे दिया, लेकिन बीते दो साल में उसको लगाने की जगह तक नहीं मिली है। प्लांट शुरू होना तो अभी दूर की बात है। अगर जल्द ही इस प्रोजेक्ट के लिए जगह नहीं मिली तो ये किसी दूसरे जिले को दिया जा सकता है। अफसर और उद्यमी फिलहाल इसको हासिल करने के लिए जोड़तोड़ कर रहे हैं। पूर्व में इसको भांकरी में लगाने की योजना बनी थी, लेकिन वह स्थान अब एडीए की महायोजना में शामिल होने के कारण खारिज कर दिया गया है।
शहर में 150 से ज्यादा इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्लांट
शहर में इलेक्ट्रोप्लेटिंग के तकरीबन 150 प्लांट है, लेकिन इनमें आधुनिकता का अभाव है। जिससे ये शहर में प्रदूषण का बड़ा कारण भी बन गए हैं। इलेक्ट्रो प्लेटिंग प्लांट में अत्याधुनिक रसायनों का प्रयोग कर हार्डवेयर, ताले या मूर्ति को निकिल पालिश, एल्यूमिनीयम पॉलिश, सिल्वर पॉलिश, गोल्ड पॉलिश, एंटीक लुक और ब्लैक एंटीक, ब्रांज एंटीक लुक दे दिया जाता है। इन प्लांटों में रसायनों को भट्टियों में उबाल कर अलग अलग लुक दे दिया जाता है। ये पॉलिश माल लेने वाली पार्टी की मांग के अनुसार तय होती है। पॉलिश के रेट 20 से 40 रुपये किलो तक होते हैं। बहुत छोटे पीस का काम पीस रेट और वजनी आइटम का काम वजन के अनुसार होता है।
विज्ञापन

ताला, हार्डवेयर, मूर्ति बनाने में दुनिया भर में मशहूर इस शहर में आधुनिक इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्लांट की सख्त जरूरत है। जहां हर कोई अपना काम सुगमता से करा सके। खर्च भी कम हो। अगर सरकार ऐसा कोई प्रोजेक्ट स्थापित कराती है तो ये बड़ी राहत देने वाला होगा। उद्यमियों को इसके लिए आगे आना होगा।
-गोविंद अग्रवाल, हार्डवेयर मूर्ति कारोबारी
हम लगातार उद्यमियों के संपर्क में हैं। हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि ये महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट जल्द से जल्द लगे, क्योंकि इसकी बहुत मांग है। इससे प्रदूषण रोकने की दिशा में भी एक बड़ा काम हो सकेगा।
-श्रीनाथ पासवान, उपायुक्त उद्योग
1-नवंबर 2018 को इस संबंध में प्रदेश सरकार ने पहला शासनादेश जारी किया था
2-इसके बाद से लेकर 22 महीने गुजर चुके हैं, लेकिन अक तक सफलता नहीं मिली
3-ओडीओपी योजना के तहत कामन फेसलिटी सेंटर की स्थापना कराया जाना प्रस्तावित
दस करोड़ का इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्रोजेक्ट ऐसे लगेगा
ओडीओपी योजना के तहत अलीगढ़ के ताला, हार्डवेयर और मूर्ति कारोबार को चमकाने के लिए एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रो प्लेटिंग और स्मार्ट लॉक नालेज सेंटर की सख्त जरूरत है। प्रदेश सरकार ने इस जरूरत को समझा और इसको बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये तक का प्रोजेक्ट मंजूर कर दिया। जिसमें पूरा मशीनरी सिस्टम लगाया जा सकेगा। इसके लिए ताला, हार्डवेयर और मूर्ति क्षेत्र से जुड़े 25 कारोबारियों की एक सोसायटी बनाना जरूरी है। प्रोजेक्ट के लिए सोसायटी में शामिल होने वाले 25 उद्यमियों का हिस्सा दस फीसदी के अनुपात से होता। यही सोसायटी एक हजार वर्ग गज की उपलब्धता कराएगी। जिसमें ये प्लांट लगाया जा सके। प्लांट को 15 वर्षों तक हर हाल में चलाया जाएगा।
विज्ञापन

पूर्व में इसके लिए भांकरी के पास अलीगढ़ दिल्ली हाईवे के पर एक जगह तय हुई थी, लेकिन वह जगह कुछ दिन बाद ही अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की महायोजना में आ गई, जिसके बाद वहां ये प्रोजेक्ट नियमानुसार नहीं बन सकता था। अब इसके लिए आईटीआई रोड स्थित इंडस्ट्रियल स्टेट और यूपीएसआईडीसी में जगह तलाशी जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें