नगर निगम में इस साल ई-रिक्शा 150 पंजीकृत हुए हैं, जबकि शहर में करीब दस हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। छह हजार आरटीओ दफ्तर में पंजीकृत हैं। बाकी बिना लाइसेंस के चल रहे हैं। अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने बताया कि इस साल 150 ई-रिक्शा पंजीकृत हुए हैं। इसका पंजीकरण शुल्क एक हजार रुपये हैं। पंजीकरण कराने के दौरान ई-रिक्शा चालकों को रूट के बारे में बता दिया जाता है और रूट नंबर का स्टीकर लगा दिया जाता है। पंजीकरण न कराने वाले ई-रिक्शा का चालान किया जाएगा।
रूट नंबर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जहां सवारी मिल जाती है, वहां चले जाते हैं।-जाकिर, चालक
रूट के बारे में बता दिया जाएगा, तो उसी हिसाब से चलाएंगे। एक रूट पर सवारी नहीं मिलती है।-उबैद, चालक
ई-रिक्शा के रूट तय हो गए हैं। इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।-मो. अली, चालक
नगर निगम में पंजीकरण करा लिया है। रूट नंबर का स्टीकर चस्पा कर लिया है।-कासिम, चालक