आरोप है कि आरटीओ, नगर निगम द्वारा जबरन मारपीट कर ई-रिक्शा जब्त कर टैक्स वसूला जाता है। पुलिस द्वारा उनका उत्पीड़न किया जाता है। ई-रिक्शा के पहिए में जबरन सुआ घोंपकर पंक्चर कर दिया जाता है।
बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन (ई-रिक्शा प्रकोष्ठ) के बैनर तले 16 सितंबर को ई-रिक्शा चालकों ने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर प्रदर्शन किया। बाद में उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कमिश्नरी पहुंचकर मंडलायुक्त को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ई-रिक्शा चालकों ने जीटी रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने समझाकर उन्हें रोक लिया।
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वक्ताओं ने कहा कि ई-रिक्शा चालक 600-650 रुपये कमाता है। कई के पास खुद का ई-रिक्शा न होने पर वह 300 रुपये प्रतिदिन किराया देता है। फिर भी आरटीओ, नगर निगम द्वारा जबरन मारपीट कर ई-रिक्शा जब्त कर टैक्स वसूला जाता है। पुलिस द्वारा उनका उत्पीड़न किया जाता है। ई-रिक्शा के पहिए में जबरन सुआ घोंपकर पंक्चर कर दिया जाता है।
उन्होंने मांग रखी कि नगर निगम द्वारा वसूली व रूट निर्धारण बंद हो। ई-रिक्शा चालकों को स्टैंड की सुविधा दी जाए। पुलिस का उत्पीड़न बंद हो। वसूली बंद हो। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. किशोर सिंह, अर्जन सिंह, मंडल अध्यक्ष मंगल सैनी, सुनील यादव, अजीत कुमार, अतुल कुमार, सोनपाल आदि थे।