महानगर के पुराने शहर में वैसे तो शाहजमाल में 26 दिन से चल रहे धरने के कारण माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था। हालांकि इस धरने को हटने को लेकर तरह-तरह के कयास थे कि शाहीनबाग हटेगा तो यह खुद ब खुद हट जाएगा। मगर शुक्रवार शाम को ऊपरकोट पर जो हालात बने, उसके बाद से सभी की सांसें फूली हुई थीं। इधर, रविवार सुबह से ही पुराने शहर के हालात बेहद तनावपूर्ण हो चले थे। दोपहर होते-होते दो जगह सांप्रदायिक टकराव टला और चरखवालान पर पुलिस से भिड़ंत टली। मगर शाम को इस टकराव को टाला नहीं जा सका और जो हुआ, उसका असर पुराने शहर के साथ-साथ सिविल लाइंस पर भी साफ दिख रहा है। उपद्रव के चलते भग्गी मचने से जहां सर्राफा बाजार बंद हो गया, वहीं सब्जी मंडी, फूल चौराहा, कनवरीगंज, अब्दुल करीम चौराहे तक दुकानें पूरी तरह बंद हो गईं।
शाहजमाल में महिलाओं का धरना 26 दिन से चल रहा है। बृहस्पतिवार रात आंधी, बारिश और ओलों के चलते वहां त्रिपाल लगाने की कोशिश की तो पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इससे नाराज महिलाएं शुक्रवार शाम से ऊपरकोट कोतवाली को घेरे धरने पर बैठी थीं। हालांकि शनिवार को शाहजमाल में त्रिपाल लगाने की अनुमति दे दी गई थी। मगर धरना यहां से खत्म नहीं किया था, जिससे बाजार भी प्रभावित हो रहा था। प्रशासन ने रविवार सुबह पीस कमेटी की बैठक कर लोगों से अनुरोध किया कि वह महिलाओं को समझाएं कि वह शाहजमाल में ही धरना दें। भीड़ वाले इलाके में धरना देने से स्थिति खराब हो सकती है। लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ।
तुर्कमान गेट और खटीकान पर कुछ ऐसे टला टकराव
धरने में शामिल होने और भीम आर्मी के भारत बंद के आह्वान के सफल बनाने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ जुलूस की शक्ल में धरनास्थल की ओर आ रही थी। इसी कड़ी में दोपहर में सबसे पहले तुर्कमान गेट पथवारी के पास जुलूस ला रहे युवकों ने पथराव किया, जिसके विरोध में दूसरा समुदाय आया। बात पुलिस ने संभाल ली। इसके बाद खटीकान पर दूसरे दिन फिर वीडियो बनाने पर विवाद हुआ। यहां भी पुलिस ने संभाल लिया। बनियापाड़ा में भी जबरन दुकान बंद कराने पर विवाद हुआ। मगर यहां भी लोगों ने संभाल लिया। इसके अलावा सराय रहमान में भी विवाद हुआ, उसे भी पुलिस ने शांत किया।
चरखवालान पर पुलिस से दो बार टकराव के बने हालात
शाहजमाल धरने पर भीड़ इस कदर हो गई कि लोग चरखवालान चौराहे तक आ गए और यहां चौराहे पर जाम लगाकर बैठ गए। इस दौरान एक सिपाही के साथ उसका एक परिचित रिश्तेदार वहां घूमने आ गया और भीड़ में घुस गया। वह किसी से फोन पर बात करते हुए कह रहा था कि लोग बेवजह उत्पात कर रहे हैं। इस पर भीड़ ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया और हंगामा खड़ा हो गया। यह देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए और जैसे तैसे उसे छुड़ाकर बाहर लाया और पुलिस जीप में बैठाकर थाने ले जाने लगे तो जीप को घेर लिया। किसी तरह पुलिस उसे वहां से निकालकर ले गई। इसके बाद भी वहां पुलिस से रुक-रुक कर टकराव होता रहा।
पथराव रोकने की कोशिश में नेता भी हुए जख्मी
ऊपरकोट पर पुलिस पर पथराव की सूचना पर सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव सलमान शाहिद, एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज भी वहां पहुंच गए और महिलाओं को रोकने की कोशिश करने लगे। इस दौरान ईंट पत्थर लगने से वह दोनों भी जख्मी हो गए। इसके अलावा बाबरी मंडी में कालीचरण, मोनू, सोनू, बंटी, दरोगा राकेश आदि के भी हल्की फुल्की चोटें आई हैं। सभी के इलाज कराए जा रहे हैं।
आरएएफ की बस फूंकने की कोशिश, तोड़फोड़
ऊपरकोट पर उपद्रव के दौरान इंस्पेक्टर कोतवाली की जीप को पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसके अलावा आरएएफ की महिला कर्मियों की बस को फूंकने की कोशिश की गई। मगर उन्हें जब दौड़ा लिया गया तो उसे पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। फायर बिग्रेड की दमकल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद कोतवाली मोड़ पर ट्रांसफार्मर के बगल में रखे खोखे को आग लगा दी गई, जिसकी वजह से ट्रांसफार्मर की वायरिंग जल गई और इलाके की विद्युत आपूर्ति बंद हो गई।