क्षेत्र के गांव बाजिदपुर में शुक्रवार की दोपहर को नहर की पटरी अज्ञात कारणों से कट गई, जिससे आसपास के खेतों में तेजी से पानी भर गया। सूचना मिलते ही ग्रामीण फावड़े लेकर मौके पर पहुंचे।
अधिकारी करीब तीस बीघा खेत में पानी भरने की बात कह कह रह हैं। कुछ किसानों ने एक सूखे पेड़ का सहारा लेकर पानी में घेरा बनाकर स्थिति संभालने की कोशिश की, जबकि अन्य मिट्टी डालकर नहर बंद करने में जुटे रहे। सूचना पाकर एसडीएम शिशिर कुमार सिंह, क्षेत्रीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ लेखपाल और नायब तहसीलदार काजल तोमर भी मौजूद रहीं। जेसीबी और ग्रामीण की मदद से कटान रोकने का प्रयास किया। किसानों ने बताया है पहले भी इस तरह से क्षेत्र में कटान हुआ है। किसानों का आरोप है कि नहर विभाग आपात स्थिति में तुरंत नियंत्रण के लिए मिट्टी या जिप्सम से भरे कट्टे पहले से नहीं तैयार रखता। क्षेत्र में गेहूं, आलू और सरसों की फसल कटाई के लिए तैयार थी, जो अब जलभराव के कारण बर्बादी के कगार पर है।
एसडीएम का कहना है कि नहर के कटान पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया। पहले नहर विभाग द्वारा पीछे से रेगुलेटर बंद कर दिए गए थे। खेत ज्यादातर खाली है फसल कट चुकी थी। कुछ एक खेतों में फसल में पानी गया है। लेखपाल से सर्वे कराने के लिए कहा गया है। इसके बाद मुआवजा दिलवाया जाएगा।