टप्पल क्षेत्र के गांव बाजौता में रजबहा की पटरी कटने से 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई। इसमें गेहू्ं और सरसों को ज्यादा नुकसान हुआ है। गुस्साए किसानों ने हंगामा करते हुए अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी, जिसके बाद मंगलवार शाम सिंचाई विभाग ने बंधा लगाकर पानी का बहाव रुकवाया।
किसानों का कहना था कि रजबहा की पटरी लंबे समय से जर्जर थी। कुछ लोगों ने रजबहा से निकली नालियों को बंद कर अपने खेतों में मिला लिया है, जिससे पानी का प्राकृतिक बहाव रुक गया और पटरी कटने से पानी खेतों में घुस गया।
सही कराने की लगाई थी गुहार
किसानों ने बताया कि उन्होंने ''बैना से बाजौता रजबहा'' की जर्जर पटरी को दुरुस्त करने की मांग एसडीएम से की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सिंचाई मंत्री से मिलकर मांग की थी तो पानी छोड़ गया था, लेकिन सफाई और पटरियों की मजबूती पर ध्यान नहीं दिया गया।
लेखपाल और कानूनगो ने किया निरीक्षण
किसानों द्वारा आंदोलन की चेतावनी देने के बाद मंगलवार शाम करीब पांच बजे एसडीएम शिशिर कुमार सिंह के निर्देश पर कानूनगो नरेश कुमार और स्थानीय लेखपालों की टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण में पाया गया कि कुछ किसानों ने रजबहा के मार्ग को अपने खेतों में मिला लिया है, जिससे पानी का कटान हुआ। सिंचाई विभाग के जेई ने बताया कि बैना पर पानी रोक दिया गया है।