डीएस कॉलेज पहुंचा प्रशासन, छेड़छाड़ को नकारा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
डीएस कॉलेज में सपा छात्र सभा के तीन नेताओं पर छात्राओं के साथ अभद्रता एवं छेड़खानी का आरोप लगने तथा मामला मुख्यमंत्री तक पहुुंचने के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक महकमा में हड़कंप मच गया है। घटना की जांच के लिए शुक्रवार को अलीगढ़ मंडल के कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा, जिलाधिकारी राजमणि यादव, एसएसपी लव कुमार, एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव एवं सीओ बरला अमित कुमार समेत जनपद के तमाम बड़े अधिकारी डीएस कॉलेज पहुंचे।
इस दौरान एसएसपी लव कुमार एवं अन्य अधिकारी नई बिल्डिंग (रूम नंबर 6) के उस क्लास रूम में भी गए जहां, छात्राओं के साथ अभद्रता की घटना को अंजाम दिया गया। उन्होंने घटना के दिन क्लास में मौजूद छात्र-छात्राओं से बयान भी लिए।
प्राथमिक जांच के बाद एसएसपी लव कुमार से कहा कि अनुशासनहीनता एवं हंगामा की घटना जरूर हुई, लेकिन छेड़खानी से इंकार किया। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता के मामले में कॉलेज प्रशासन द्वारा सपा छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष मुंतजिम किदवई, जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी एवं जियाउर्रहमान को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
हालांकि एसएसपी के सामने ही छेड़खानी का आरोप लगाने वाली छात्रा तनु सैनी एवं साधना श्रीवास्तव ने कहा कि क्या हाथ पकड़ना ही छेड़खानी होता है, सीटी मारना छेड़खानी नहीं होता। इससे पूर्व मंडल एवं जनपद के शीर्ष अधिकारी कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अंजना बंसल एवं अन्य शिक्षकों से बातचीत कर घटना की पूरी जानकारी ली।
बाद में कॉलेज के छात्र-छात्रा से भी मिले। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रिंसिपल आफिस के पीछे के कमरे में कमिश्नर एवं जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बैठक की। लखनऊ से भी अधिकारियों के पास बार-बार फोन आ रहा था।
प्रिंसिपल डॉ. अंजना बंसल ने बताया कि कमिश्नर एवं अन्य अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली। कॉलेज का राउंड लगाया और छात्राओं से बात कर सुरक्षा से संबंधित जानकारी ली। कॉलेज कैंपस में आरएएफ एवं पुलिस फोर्स मौजूद रही।