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हाथरस: शहर के बीचों-बीच मेडिकल स्टोर पर बेचे जा रहे थे नशे के इंजेक्शन, एसडीएम के छापे में हुआ खुलासा

Sun, 13 Dec 2020 08:09 AM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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अधिकारियों ने जब्त की नशीली दवाइयां - फोटो : amar ujala
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हाथरस शहर के कुछ मेडिकल स्टोर संचालक न केवल नशे के इंजेक्शन बेच रहे है, बल्कि उन्हें अपने मेडिकल स्टोर पर लगा भी रहे हैं। एसडीएम सदर ने शिकायत के दौरान शहर के बीचों-बीच घंटाघर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा तो वहां इसका खुलासा हुआ। यहां काफी तादाद में दवाइयों से भरे इंजेक्शन, खुली सिरिंज व खुली दवाइयां मिलीं। यह इंजेक्शन नशे के लिए वहां लगाए जाते थे और बेचे भी जाते थे। प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए मेडिकल स्टोर को सीज कर दिया है और दुकानदार को हिरासत में ले लिया। उसका लाइसेंस भी निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। 

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कोतवाली सदर इलाके के घंटाघर पर हृदेश मेडिकल स्टोर के नाम से दवा की दुकान है। यहां पर नशे के इंजेक्शन बेचे जाने की शिकायत बहुत दिनों प्रशासन को मिल रही थीं। शिकायत पर शनिवार की सुबह एसडीएम सदर प्रेमप्रकाश मीणा ने छापा मारा। उनके साथ डीआई दीपक कुमार और सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डीके अग्रवाल भी थे। छापे में उन्हें 10 एमएम के एविल इंजेक्शन, सिरिंज में भरे नशे के इंजेक्शन के अलावा सिरिंज के तमाम खाली रेपर मिले हैं। 

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि काफी समय से प्रशासन को शिकायत मिल रही थी कि इस मेडिकल स्टोर पर नशे के इंजेक्शन खुलेआम बेचे जाते हैं। मौके पर ऐसी दवाओं से भरे इंजेक्शन मिले, जो बिना किसी डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं दिए जा सकते। खुली दवाइयां भी मिलीं। मौके पर प्रयुक्त किए गए इंजेक्शन भी मिले। वह निकट ही कूड़े के ढेर में पड़े थे। 
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ड्रग इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने 700 सिरिंज, दस एविल के इंजेक्शन (6 सील व चार खुले हुए) सीज किए गए। 700 सिरिंज का दुकानदार कोई लेखा-जोखा नहीं दिखा सका। दुकान को भी सीज किया गया है। इसके अलावा यहां से डीआई ने दो दवाओं के सैंपल भी लिए हैं। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दुकान स्वामी हृदेश गुप्ता पुत्र दाऊदयाल गुप्ता निवासी मुरसान गेट को पुलिस ने हिरासत ले लिया है। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। 

60 से 120 रुपये में बेचा जाता था नशे का इंजेक्शन
एसडीएम सदर ने जब वहां निकट लोगों से पूछताछ की तो वहां पता चला कि सुबह से ही यहां नशे के इंजेक्शन बेचे और लगाए जाते हैं। नशेबाज यहां नशे के इंजेक्शन लगवाने के लिए आते हैं। यह इंजेक्शन 60 से 120 रुपये तक में बेचे जाते हैं। 

अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों में मची खलबली
दवा की दुकानों पर नशे के इंजेक्शन लगाने की शिकायतें लगातार प्रशासन को मिल रही हैं। इस पर एसडीएम सदर ने यह कार्रवाई की। इससे अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों में खलबली मच गई। वहीं कुछ लोग इस दुकानदार के बचाव में भी जुट गए। 

बाइक पर सवार होकर छापा मारने पहुंचे एसडीएम
एसडीएम सदर वहां छापा मारने की लिए बाइक पर सवार होकर पहुंचे। इसकी वजह यह भी रही कि एसडीएम सदर दुकानदार को रंगे हाथ पकड़ना चाहते थे, जिससे वह अवैध माल को इधर से उधर न कर सके। ऐसे में एसडीएम की यह छापामारकार्रवाई सफल रही और मेडिकल स्टोर संचालक पकड़ में आ गया। 

जो इंजेक्शन मिले हैं, वह एंटी एलर्जिक इंजेक्शन हैं। यदि इसका ज्यादा तादाद में इस्तेमाल किया जाए तो इससे नशा होता है। इस मेडिकल स्टोर की पहले भी इस प्रकार की शिकायतें मिलती रहीं हैं। इस तरह का व्यापार करना गैर कानूनी है। संबंधित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त किए जाने के लिए डीआई की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इस मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। यह भी पता कराया जा रहा है कि इस केमिस्ट को कौन सी फर्म इनकी आपूर्ति कर रही थीं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।  
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-पूरनचंद्र, असिस्टेंट कमिश्नर ड्रग, अलीगढ़

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